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DUSU Election 2025 : कौन हैं ABVP के प्रेसिडेंट कैंडिडेट आर्यन मान, जिनका प्रचार करने उतरे संजय दत्त

Written by:Vijay Choudhary
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DUSU Election 2025 : कौन हैं ABVP के प्रेसिडेंट कैंडिडेट आर्यन मान, जिनका प्रचार करने उतरे संजय दत्त

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2025 में इस बार चर्चा का केंद्र बन गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए आर्यन मान को उम्मीदवार बनाया है। खास बात यह है कि बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त खुद वीडियो के जरिए आर्यन मान को वोट देने की अपील कर रहे हैं। आर्यन ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है। इससे चुनाव में युवाओं का उत्साह और बढ़ गया है। अब राजनीति और फिल्मी सितारों का यह संगम चर्चा का विषय बन गया है।

 हरियाणा से ताल्लुक, शराब कारोबार से जुड़ा परिवार

आर्यन मान हरियाणा के बहादुरगढ़ के रहने वाले हैं। उनके पिता सिकंदर मान बड़े शराब कारोबारी हैं। वह झज्जर के बेरी इलाके में एडीएस स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड नामक शराब फैक्ट्री के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उनके दादा स्व. श्रीचंद मान लोवा सत्रह खाप के प्रधान रहे। आर्यन का परिवार राजनीति और कारोबार दोनों में सक्रिय है। उनके ताया दलबीर मान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के करीबी रहे हैं। परिवार पहले कांग्रेस से जुड़ा था, लेकिन अब भाजपा की तरफ झुकाव बढ़ा है। इस पृष्ठभूमि से आर्यन राजनीति में अपना स्थान बना रहे हैं।

 ABVP का पैनल और हरियाणा का दबदबा

ABVP ने इस बार अध्यक्ष पद के लिए आर्यन मान, उपाध्यक्ष गोविंद तंवर, सचिव कुणाल चौधरी और संयुक्त सचिव दीपिका झा को उम्मीदवार बनाया है। दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा से छात्र नेताओं का दबदबा पहले भी रहा है। साल 2011 में अजय छिक्कारा, 2012 में अरुण हुड्डा और 2019 में अक्षित दहिया जैसे छात्र नेता हरियाणा से DUSU अध्यक्ष बने थे। इससे पहले NSUI और ABVP दोनों ने हरियाणा के छात्रों को प्रमुखता दी है। इस बार भी हरियाणा से उम्मीदवारों की भागीदारी चर्चा का विषय बनी हुई है।

 राजनीति की नई शुरुआत

DUSU चुनाव में आर्यन मान की एंट्री सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि युवाओं में प्रभाव जमाने की कोशिश है। संजय दत्त जैसे सितारे का समर्थन उन्हें फायदा दे सकता है। हरियाणा से आने वाले छात्र नेताओं की परंपरा भी उन्हें मजबूत आधार देती है। साथ ही उनका परिवार राजनीति और व्यापार दोनों में प्रभावशाली है। ऐसे में यह चुनाव उनके लिए बड़ा मौका है। अब देखना यह होगा कि छात्र समुदाय उन्हें कितना समर्थन देता है और चुनाव के नतीजे क्या दिशा तय करते हैं। पूरे देश की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हैं।