शिवराज की कैबिनेट मंत्री पर पूर्व मंत्री का कटाक्ष- “ये तो महाराज की गुलाम हैं”

शिवराज की कैबिनेट मंत्री पर पूर्व मंत्री का कटाक्ष- “ये तो महाराज की गुलाम हैं”

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

आज के दौर की राजनीति उस मोड़ पर पहुँच गई है जहाँ नेता एक दूसरे पर कटाक्ष करने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जिनसे वो कभी बचा करते थे और कहते थे कि राजनीति में शालीनता और मर्यादा होनी चाहिए। ताजा मामला ग्वालियर का है जहाँ कमलनाथ सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह ने शिवराज सरकार की मंत्री इमरती देवी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे सिंधिया की गुलाम है और गुलामी की खातिर उनके साथ चली गई।

ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा से विधायक और कमलनाथ सरकार के पर्व पशुपालन मंत्री लाखन सिंह ने कैबिनेट मंत्री इमरती देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चुनिंदा पत्रकारों से बात करते हुए लाखन सिंह ने कहा कि ये कहना गलत है कि इमरती देवी कोई मास लीडर है या जनाधार वाली नेत्री है। उन्होंने कहा कि डबरा विधानसभा सीट कांग्रेस के कल्चर वाली सीट है इसलिए वो जीतती आ रही है। पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार रहे अशोक सिंह के चुनाव का उदाहरण देते हुए लाखन सिंह ने आरोप लगाए कि इस चुनाव में इमरती ने अशोक सिंह का विरोध किया था और अपनी टीम के साथ भाजपा की लिए काम किया था। देश में नरेंद्र मोदी की लहर थी फिर भी अशोक सिंह ने यहाँ 18-19 हजार वोटों से लीड दी थी।

इमरती देवी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर उनके क्षेत्र की उपेक्षा करने और इसी कारण पार्टी से इस्तीफे की बात पर पूर्व मंत्री लाखन सिंह ने कहा कि इमरती के पास अब कहने के लिए कुछ बचा नहीं है। वो ये नही कहेगी कि हमने 35-40 करोड़ रुपये ले लिए इसलिए चली गई। वो ये नहीं कहेगी कि हैं सिंधिया की गुलामी करते थे और गुलामी की खातिर चली गई। इसलिए कमलनाथ पर आरोप लगाना गलत है। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं इमरती की बगल वाली भितरवार सीट से विधायक हूँ, इमरती के साथ मंत्री रहा और में दावे के साथ का सकता हूँ कि जितना कमलनाथ विधायक और मंत्रियों की सुनते थे कोई और नेता नहीं सुनता।

ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर उपचुनाव पर कांग्रेस की रणनीति के सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा कि ये चुनाव कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं है ये मतदाताओं का चुनाव है जिन्होंने पांच साल के लिए विधायक बनाकर नेताओं को विधानसभा भेजा था जहाँ वो जनता के मुददे उठाते, विकास की बात करते लेकिन 14 महीने में ही ये सब ज्योतिरादित्य सिंधिया के बहकावे में आकर और भाजपा से मोटी रकम लेकर, बैंगलौर में जाकर मंडी लगाई, हाट लगाई और 35-40 में सौदा कर लिया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर चंबल का मतदाता खुद्दार और गद्दार का फर्क समझता है और आने वाले चुनाव में इन लोगों को घर बैठा देगा।

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