हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को ट्रैफिक और भीड़ से राहत दिलाने के लिए सरकार ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में शहर के प्रमुख बाजारों और मंडियों को बाहरी इलाकों में शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। वहीं, एक अन्य बैठक में बद्दी में नया शहर ‘हिम चंडीगढ़’ बसाने की परियोजना को गति देने के निर्देश दिए गए।
इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास को व्यवस्थित करना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। दोनों ही परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों को एक महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
शिमला के ये बाजार होंगे शिफ्ट
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिमला शहर के भीतर की भीड़ को कम करने के उपायों पर मंथन हुआ। इसमें आवास मंत्री राजेश धर्माणी और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में लोअर बाजार सब्जी मंडी, अनाज मंडी, टिंबर मार्केट, कच्ची घाटी की मैकेनिकल मार्केट और ट्रांसपोर्ट एरिया को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के विकल्पों पर विचार किया गया।
शिमला के DC अनुपम कश्यप ने बताया कि इसके लिए ढली फोरलेन पर पांच संभावित जगहों की पहचान की गई है। जल्द ही इन स्थलों का निरीक्षण कर अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। बैठक में शहर की चार पार्किंग परियोजनाओं से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई और पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने भी अपने सुझाव दिए।
बद्दी में ‘हिम चंडीगढ़’ के लिए 3428 बीघा जमीन आवंटित
दूसरी अहम बैठक बद्दी में प्रस्तावित ‘हिम चंडीगढ़ सिटी’ को लेकर हुई। इस कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक की अध्यक्षता भी जगत सिंह नेगी ने की, जिसमें मंत्री राजेश धर्माणी भी शामिल हुए। सोलन के DC मनमोहन शर्मा ने प्रोजेक्ट पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दी।
बैठक में बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हाउसिंग के लिए 3,428 बीघा भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, कॉमन पूल की करीब पांच से छह हजार बीघा भूमि भी चिह्नित की गई है। राजस्व विभाग और हिमुडा (HIMUDA) को एक महीने के भीतर जमीन से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। हिमुडा जल्द ही ड्रोन सर्वे के जरिए भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार करेगा।





