हिमाचल प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में आज एक औपचारिक लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज होगा। कविंद्र गुप्ता शिमला के राजभवन में सुबह 11:45 बजे शपथ लेकर राज्य के 30वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
राजभवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम को प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।
शिमला पहुंचने के बाद स्वागत, कई शीर्ष चेहरे रहे मौजूद
शपथ से एक दिन पहले सोमवार को कविंद्र गुप्ता शिमला पहुंचे। शाम के समय उनके साथ उनकी पत्नी बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं। इससे पहले लोक भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जहां राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर राज्य की शीर्ष मौजूदगी देखने को मिली।
स्वागत के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल उपस्थित रहे। मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, कई विधायक, विश्वविद्यालयों के कुलपति और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शपथ से पहले विकास और जनकल्याण पर दिया संदेश
राज्यपाल पद ग्रहण करने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कविंद्र गुप्ता ने हिमाचल के विकास को अपनी प्राथमिक दिशा बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर काम किया जाएगा।
“मैं हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर काम करूंगा।” — कविंद्र गुप्ता
उन्होंने राज्यपाल के रूप में अपनी भूमिका को बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती बताया। साथ ही यह भी कहा कि वे इस दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
मंगलवार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम राज्य के संवैधानिक ढांचे में नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय के लिहाज से इसे अहम माना जा रहा है। शपथ के बाद नए राज्यपाल का औपचारिक कार्यकाल शुरू हो जाएगा।






