मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अलग-अलग जिलों में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों से सरकारी तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामला मंडला जिले से सामने आया है। जहां गुरुवार को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वत लेते एक निजी कर्मचारी को दबोचा है।
जानकारी अनुसार, जिले के बम्हनी बंजर उप तहसील कार्यालय में जबलपुर लोकायुक्त पुलिस टीम ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते निजी कर्मचारी हरीश सिंगोर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रिश्वत जमीन नामांतरण के बदले ली जा रही थी। वहीं मामले में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव पर भी रिश्वत मांगने का आरोप है।
नामांतरण के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आवेदक रोहणी प्रसाद चंद्रौल ने अपने पुत्र आलोक चंद्रोली के नाम खेती की जमीन के स्थानांतरण के लिये ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद वह नामांतरण की प्रक्रिया के संबंध में उप तहसील बम्हनी बंजर कार्यालय पहुंचा था। ऐसा आरोप है कि नामांतरण के एवज में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और कार्यालय में बाबू के रूप में कार्य कर रहे प्राइवेट कर्मचारी हरीश सिंगौर ने आवेदक से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
8 हजार रुपये की रिश्वत लेते प्राइवेट कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार
रिश्वत की मांग के बाद आवेदक ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस जबलपुर में की। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और गुरुवार को उप तहसील बम्हनी बंजर कार्यालय परिसर में प्राइवेट कर्मचारी हरीश सिंगौर को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है एवं आगे की जांच जारी है।
जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट





