SPECIAL STORY: “रामायण” का MP के इस जिले से रहा है गहरा नाता

SPECIAL STORY: “रामायण” का MP के इस जिले से रहा है गहरा नाता

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

टीवी पर प्रसारित होने वाले धारावाहिकों का सिरमौर रहा और घर हर में भारत की सनातन संस्कृति को पहुंचाने वाले सीरियल “रामायण” का प्रसारण एक बार फिर दूरदर्शन पर शुरू हुआ है। देश विदेश में सराहे गए “रामायण” सीरियल का ग्वालियर से गहरा रिश्ता है। यहाँ के एक गीतकार ने इसके लिए 150 दोहे और 35 गीत लिखे हैं जिन्हें प्रसिद्ध संगीतकार रविंद्र जैन ने संगीतबद्ध किया है।

कोरोना को हराने के लिए लागू किये गए लॉक डाउन के बीच जनता की सोशल मीडिया पर की गई मांग को मानते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर दूरदर्शन ने “रामायण” का प्रसारण एक बार फिर शुरू किया है। शनिवार 28 मार्च यानि आज से सुबह 9 से 10 बजे तक और रात को 9 से 10 तक बजे इसका प्रसारण किया जायेगा । 25 जनवरी 1987 को पहली कड़ी के प्रसारण के साथ शुरू हुए रामानंद सागर की “रामायण ” सीरियल में कुल 78 एपिसोड थे इसके अंतिम एपिसोड का प्रसारण 31 जुलाई 1988 को किया गया था। “रामायण” को देश दुनिया में बहुत प्यार मिला उसकी वजह थी इसका प्रस्तुतिकरण, इसका संगीत, इसमें गाए जाने वाले दोहे, इसे संवाद और कलाकारों की एक्टिंग। “रामायण” का ग्वालियर से भी गहरा रिश्ता रहा है। ग्वालियर के कवि डॉ कैलाश कमल जैन ने इसके लिए 150 दोहे और 35 गीत लिखे हैं ।

कवि डॉ कैलाश कमल के पुत्र शहर के जाने माने फोटो जर्नलिस्ट केदार जैन ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ के साथ “रामायण” की यादें ताजा करते हुए कहा कि जिस समय दूरदर्शन पर “रामायण” आती थी तब शहर में सन्नाटा हो जाता था। लोग सुबह सुबह नहा धोकर टीवी के सामने भक्तिभाव के साथ बैठे जाते थे और “रामायण” का आनंद लेते थे। केदार ने बताया कि प्रसिद्ध गीतकार, गायक और संगीतकार रविंद्र जैन के कहने पर पिताजी ने “रामायण” के लिए 150 दोहे और 35 गीत लिखे।

केदार कहते हैं कि “रामायण” में दिये गए योगदान से पूरा परिवार आज भी गौरवांवित महसूस करता है। केदार आगे बताते हैं कि जब “रामायण” का प्रसारण हो रहा था उसी समय रविंद्र जैन की संगीतबद्ध की गई फिल्म “नदिया के पार” सुपरहिट जा रही थी। उसी दौरान रविंद्र जैन अपनी पत्नी दिव्या जैन के साथ हमारे घर आये थे और जब लोगों को इस बात का मालूम चला तो उनकी एक झलक पाने के लिए लोगों की भीड़ हमारे घर के बाहर लग गई थी। इसके बाद रविंद्र जैन कई बार हमारे घर आये। केदार कहते हैं कि “रामायण” का प्रसारण एक बार फिर किया जाना अच्छी बात है इससे लॉक डाउन के समय लोगों का घर में अच्छा समय बीतेगा साथ ही नई पीढ़ी हमारी सनातन संस्कृति को भी जान सकेगी।

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