
Handout image shows Tara Air’s DHC-6 Twin Otter, tail number 9N-AET, in Simikot, Nepal December 1, 2021. Picture taken December 1, 2021. Madhu Thapa/Handout via REUTERS ATTENTION EDITORS – THIS IMAGE HAS BEEN SUPPLIED BY A THIRD PARTY. NO RESALES. NO ARCHIVES. MANDATORY CREDIT. THIS PICTURE WAS PROCESSED BY REUTERS TO ENHANCE QUALITY. AN UNPROCESSED VERSION HAS BEEN PROVIDED SEPARATELY.
नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। रविवार को अचानक से लापता हुए विमान को करीब 20 घंटे बाद आज सुबह खोज निकाला गया है। लेकिन इस दौरान बहुत ही दुखद खबर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक आशंका लगाई जा रही है कि विमान में सवार सभी यात्री अपनी जान गवां बैठे है। बचाव दल ने विमान के मलबे से शवों को निकाला, जिसमें चार भारतीयों सहित 22 लोग सवार थे। अभी तक मस्टैंग जिले के थसांग के सानो स्वरे भीर में 14,500 फीट की ऊंचाई पर दुर्घटनास्थल से कम से कम 14 शव निकाले गए हैं।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता फदिंद्र मणि पोखरेल ने कहा, “हमें संदेह है कि विमान में सवार सभी यात्रियों की जान चली गई है। हमारे प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि विमान दुर्घटना में कोई नहीं बच सकता था, लेकिन आधिकारिक बयान बाकी है।”
Search and rescue troops have physically located the plane crash site. Details will be followed.
— NASpokesperson (@NaSpokesperson) May 30, 2022
देव चंद्र लाल कर्ण ने कहा, “अब तक चौदह शव बरामद किए जा चुके हैं, शेष की तलाश जारी है। मौसम बहुत खराब है लेकिन हम एक टीम को दुर्घटनास्थल पर ले जाने में सफल रहे। कोई अन्य उड़ान संभव नहीं है।”
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आपको बता दे, तारा एयर द्वारा संचालित टर्बोप्रॉप ट्विन ओटर 9एन-एईटी विमान में रविवार को सुबह करीब 10 बजे पोखरा से उड़ान भरी लेकिन कुछ मिनट बाद ही उसका संपर्क टूट गया था। कनाडा निर्मित विमान पोखरा शहर से मध्य नेपाल के लोकप्रिय पर्यटन शहर जोमसोम के लिए उड़ान भर रहा था।
एयरलाइन ने यात्रियों की सूची जारी की, जिसमें चार भारतीयों की पहचान अशोक कुमार त्रिपाठी, उनकी पत्नी वैभवी बांदेकर (त्रिपाठी) और उनके बच्चों धनुष और रितिका के रूप में हुई। परिवार मुंबई के पास ठाणे शहर में रहता है।
