भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश सरकार (State Government) ने मिलावट पर कसावट अभियान शुरू किया है| अभियान के तहत 1600 सैंपल लिए गए थे जिसमें से 800 की रिपोर्ट आ गई है। गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Dr Narottam Mishra) ने बताया कि खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच के लिए हर संभाग में मोबाइल लैब (Mobile Lab) भेजी गई है। कोई भी व्यक्ति सिर्फ 10 रुपए देकर सैंपल की जांच करा सकता है।
गृहमंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि मिलावट पर कसावट अभियान में स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी छोटे व्यापारी को परेशान नहीं किया जाए और बड़े मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाए। प्रदेश में अब लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी|
कमलनाथ सरकार के मिलावट के खिलाफ अभियान पर साधा निशाना
इस दौरान नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व की कमलनाथ सरकार पर भी निशाना साधा| उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी मिलावट के खिलाफ इस तरह का अभियान शुरू किया गया था| जिसमे जमकर भ्रष्टाचार भी हुआ| छोटे छोटे गरीब व्यापारियों को निशाना बनाकर सैंपल लिए, 11 हजार सैंपल लिए लेकिन नतीजा क्या निकला| हमने अब तक 1600 सैंपल लिए जिसमे से 800 की रिपोर्ट भी आ गई| उन्होंने कहा उस समय के तत्कालीन मंत्री से पुछा नहीं जाता था| तब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उस समय के मिलावट के खिलाफ अभियान पर कहा था कि टेबल के ऊपर की टेबल से कार्रवाई होती थी और नीचे की टेबल से मामला सुलझा देते थे|
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मिलावट पर कसावट अभियान में अभी तक प्रदेश में 800 कार्रवाई की गईं हैं इनमें से 37 बड़ी हैं। मिलावटखोरी के खिलाफ 12 मामलों में आईपीसी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। 01 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक की सामग्री जब्त की गई है।@BJP4MP pic.twitter.com/zbZ54sXwFj
— Dr Narottam Mishra (Modi Ka Parivar) (@drnarottammisra) November 27, 2020






