नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विजयपुर प्रकरण, अंतर्राष्ट्रीय हालात के कारण बढ़ती महंगाई और सूचना आयुक्त की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर मध्यप्रदेश सरकार को घेरा है। मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विजयपुर मामले में कांग्रेस अदालत के निर्णय का सम्मान करती है, लेकिन मुकेश मल्होत्रा के लिए अभी भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं और कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने भाजपा पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि क्या वो चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव से डरती है और जनता के बीच जाकर सामना करने से बचना चाहती है।कांग्रेस नेता ने इस दौरान कुछ पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के कथित पेड न्यूज मामले में वर्षों से फैसला लंबित है। वहीं निर्मला सप्रे प्रकरण में भी न्यायालय के नोटिस के बाद ही विधानसभा अध्यक्ष को कहना पड़ा कि मामले की सुनवाई चल रही है। उन्होंने सवाल किया कि इन मामलों में इतनी देरी क्यों हो रही है।
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विजयपुर मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस
उमंग सिंघार ने विजयपुर मामले पर कहा कि हम मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा शून्य घोषित करने के फैसले का सम्मान करते हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक न्याय प्राप्त करने का अधिकार हर नागरिक को है। मुकेश मल्होत्रा के लिए भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं और कांग्रेस कानूनी सलाह लेकर आगे बढ़ेगी।
पेट्रोल डीज़ल पर टैक्स कम करने की मांग
वहीं, अंतर्राष्ट्रीय हालात पर बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव से वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं, जिसका असर भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार समीक्षा बैठकों की बात तो करती है लेकिन सिर्फ बैठकों से आम जनता को राहत नहीं मिलती। कोविड काल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भी लोगों से धैर्य रखने को कहा गया था, लेकिन देश ने भारी कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने मांग की कि यदि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है तो केंद्र सरकार को पेट्रोल, डीज़ल और घरेलू गैस सिलेंडर पर लगने वाले भारी टैक्स में कटौती करनी चाहिए।
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल
उमंग सिंघार ने मंगलवार को सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर हुई बैठक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैठक में तीन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन सिर्फ दो पद ही भरे जा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे सूचना का अधिकार कानून के तहत मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि बैठक में इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई है। साथ ही सरकार से मांग की कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सूचना आयोग के सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।