बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ऐसे फैसले हुए जिनका असर सीधे घर, सड़क, रेल और हवाई यात्रा तक दिखेगा। सबसे बड़ा निर्णय जल जीवन मिशन 2.0 को 2028 तक बढ़ाने का रहा, और इसके लिए 8 लाख 70 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद बताया कि सरकार ने कुल छह अहम प्रस्तावों पर मंजूरी दी है। इनमें पेयजल पहुंच, एयरपोर्ट अपग्रेड, एक्सप्रेस कनेक्टिविटी, रेलवे क्षमता बढ़ाने और हाईवे ढांचा मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं।
8.70 लाख करोड़ का अर्थ: गांव-घर तक नल से पानी की नई समयसीमा
जल जीवन मिशन को आगे बढ़ाने का मतलब सिर्फ बजट का आंकड़ा नहीं है। इसका सीधा मतलब है कि जिन घरों तक अभी भी नियमित नल कनेक्शन या स्थिर जलापूर्ति नहीं पहुंची, वहां काम की नई समयसीमा तय हो गई है। 2028 तक मिशन बढ़ने से राज्यों को अधूरे काम पूरे करने के लिए अतिरिक्त समय और फंडिंग सपोर्ट मिलेगा।
वैष्णव के मुताबिक, इस विस्तार के साथ राज्यों की परियोजनाओं की प्राथमिकताएं फिर से तय होंगी, ताकि पाइपलाइन, ट्रीटमेंट और अंतिम छोर तक वितरण के काम तेजी से पूरे किए जा सकें।
यही सबसे बड़ा जमीन-स्तर वाला फैसला है।
मदुरै को इंटरनेशनल टैग, जेवर को फरीदाबाद लिंक
कैबिनेट ने मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मदुरै पहले से तमिलनाडु के पुराने और अहम एयरपोर्ट्स में गिना जाता है, खासकर दक्षिणी तमिलनाडु के यात्रियों, तीर्थयात्रा और पर्यटन के लिए। अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से विदेश कनेक्टिविटी, कार्गो संभावनाएं और क्षेत्रीय कारोबारी आवागमन को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है।
उधर जेवर एयरपोर्ट को लेकर दो समानांतर फैसले हुए। एक, परियोजना लागत का रिवाइज्ड अनुमोदन। दो, जेवर एयरपोर्ट को फरीदाबाद से जोड़ने वाली एलिवेटेड रोड को मंजूरी। इसका मतलब है कि एयरपोर्ट चालू होने से पहले आसपास के औद्योगिक और शहरी बेल्ट के लिए सड़क पहुंच को नीति स्तर पर लॉक कर दिया गया है।
रेल और हाईवे पर फोकस: भीड़ घटाने की तैयारी
रेलवे ढांचे में भी क्षमता बढ़ाने पर कैबिनेट ने जोर दिया है। सैंथिया-पाकुड़ सेक्शन के बीच चौथी रेल लाइन और संतरागाछी-खड़गपुर सेक्शन के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी दी गई है। चौथी लाइन वाले फैसले आम तौर पर उन्हीं रूट्स पर लिए जाते हैं जहां माल और यात्री ट्रैफिक दबाव लंबे समय से बढ़ा हुआ हो।
बैठक में मध्य प्रदेश के एक हाईवे प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई। सरकार की तरफ से संकेत साफ है कि सड़क और रेल, दोनों मोर्चों पर कनेक्टिविटी विस्तार को साथ लेकर चला जाएगा, ताकि लॉजिस्टिक्स और यात्रा समय पर दबाव कम हो।
कैबिनेट बैठक में मिडिल ईस्ट पर भी फोकस
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे समन्वय के साथ काम करें ताकि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर भारत के नागरिकों पर न्यूनतम रहे। साथ ही, संभावित चुनौतियों के लिए पहले से तैयारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
यानी कैबिनेट का फोकस सिर्फ घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहा। एक तरफ पानी, एयरपोर्ट, सड़क और रेल के फैसले हुए, दूसरी तरफ बाहरी भू-राजनीतिक तनाव से भारतीयों पर असर कम करने की प्रशासनिक तैयारी की लाइन भी तय की गई। अब संबंधित मंत्रालय इन स्वीकृत परियोजनाओं की विस्तृत कार्यान्वयन समयरेखा और आगे की प्रक्रियाएं जारी करेंगे।
Cabinet Briefing by Union Minister Ashwini Vaishnaw https://t.co/lTu15oiAVG
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) March 10, 2026






