केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। खबर है कि चैत्र नवरात्री या रामनवमी के मौके पर केंद्र की मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत की दरों में संशोधन कर सकती है। इसका लाभ करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनर्स को मिलने की उम्मीद। फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
जनवरी 2026 से 2% डीए बढ़ने की उम्मीद
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 58% महंगाई भत्ते (जो जुलाई 2025 से प्रभावी है) का लाभ मिल रहा है। श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही आंकड़ों के आधार पर जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता बढ़ने की उम्मीद है। चुंकी दिसंबर 2025 तक सूचकांक 148.2 अंक पर रहा है। इस आधार पर 12 महीने के औसत का उपयोग करते हुए 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के तहत गणना करने पर महंगाई भत्ते का स्कोर 60.35% होता है। चुंकी महंगाई भत्ते की गणना दशमलव के बाद के अंकों से नहीं होती है, इसलिए जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाली DA की नई दर 60% होने की प्रबल संभावना है।
अप्रैल से पहले हो सकता है नई दरों का ऐलान
कयास लगाए जा रहे हैं कि डीए/डीआर की नई दरों का ऐलान 18 या 25 मार्च 2026 को होने वाली कैबिनेट बैठक में हो सकता है। चुंकी नई दरें जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी ऐसे में जनवरी व फरवरी का एरियर मार्च या अप्रैल के वेतन के साथ मिलने की संभावना है। यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद पहली समीक्षा होगी। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से डीए/डीआर वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।
साल में 2 बार बढ़ता है महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। नई दरें जनवरी और जुलाई से लागू की जाती हैं। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा छमाही अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं।
जानिए किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?
- 2 % महंगाई भत्ता बढ़ने पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अलग-अलग लेवल के हिसाब से सालाना 4,800 से 24,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यदि बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है और 58% DA पर 31,600 रुपए मिलते हैं तो 60% DA होने पर वेतन में हर माह 400 रुपए का इजाफा होगा और 32,000 रुपए मिल सकते हैं।
- 40,000 बेसिक सैलरी वालों के वेतन में हर माह 800 रुपए का इजाफा होगा और 63,200 की जगह 64,000 रुपए मिलेंगे। बेसिक सैलरी 50,000 है तो 79,000 की जगह 80,000 रुपए मिलने की उम्मीद है।
- 60,000 बेसिक सैलरी वालों को 94,800 की जगह 96,000, 80,000 वालों को 1,26,400 की जगह 1,28,000 और 1,00,000 लाख सैलरी वालों को 1,58,000 की जगह 1,60,000 मिल सकते हैं।
कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना?
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]






