पत्नी गुस्सा होकर चली गई मायके, पति ने फांसी लगाकर दे दी जान 

पत्नी गुस्सा होकर चली गई मायके, पति ने फांसी लगाकर दे दी जान 

 जबलपुर, संदीप कुमार। कहते हैं पति पत्नी (Husbend Wife) का रिश्ता जन्म जन्मांतर का रिश्ता होता है, दोनों के बीच बहुत प्यार भी होता है लेकिन ये प्यार इतना अधिक हो सकता है कि एक के रूठ जाने पर दूसरा अपनी जान दे दे, ये बहुत कम देखने को मिलता है। लेकिन जबलपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ एक पति ने सिर्फ इसलिए फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली कि उसकी पत्नी रूठकर मायके चली गई थी।

जबलपुर में पत्नी के रूठ कर मायके चल जाने से व्यथित होकर आज एक पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। सुबह जब उसकी मां ने उसे फांसी के फंदे से लटका देखा तो गोराबाजार थाना में सूचना देकर पड़ोसियों की मदद से तत्काल उपचार के लिये निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना को जांच में लिया है।

पति-पत्नी का हुआ था विवाद

घटना गोराबाजार थाना क्षेत्रांतर्गत शिवपुरी कजरवारा क्षेत्र की बतायी जा रही है। घटना के संबंध में एसआई विश्वेश्रवर वर्मा ने बताया कि शिवपुरी कजरवारा निवासी पवन खरे पिता प्यारेलाल उम्र 32 वर्ष का गत दिवस पत्नी से किसी बात को लेकर वाद-विवाद हो गया था, पति के लाख मनाने के बाद भी पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गयी। जिससे व्यथित होकर पति ने सुबह 8 बजे के लगभग घर में फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली।

मजदूरी करता था मृतक पवन

क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पवन खरे मजदूरी करता था, उसके दो बच्चे भी हैं, पत्नी से आए दिन उसका किसी न किसी बात को लेकर वाद-विवाद हुआ करता था, गत दिवस भी उसका पत्नी से विवाद हो गया था, जिसके बाद पत्नी रूठ कर मायके चली गयी। जिसक बाद उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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