सियासी उठापटक के बीच ‘शेरा’ का फिर दिखा अलग अंदाज, वीडियो वायरल

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बुरहानपुर।शेख राईस ।
एक तरफ कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे है वही दूसरी तरफ जयपुर में डेरा डाले हुए कांग्रेस विधायकों के एक के बाद एक वीडियो वायरल हो रहे है। विधायकों के डांस के बाद अब निर्दलीय विधायक शेरा के साथ कांग्रेस विधायक और दिग्गज नेताओं के मस्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमे सभी नेता “देखो देखो कौन आया शेर आया शेर आया”।

दरअसल, मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच जयपुर में मस्ती करते विधायकों का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । इसमे मुख्य किरदार में बुरहानपुर के निर्दलीय विधायक ठा. सुरेंद्र सिंह शेरा नजर आ रहे है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि सभी ने शेरा भैया हो घेर रखा है और विधानसभा चुनाव में प्रसिद्ध हुआ नारा लगा रही है । वीडियो मं विधानसभा की उपाध्यक्ष हिना कावरे, झुमा सोंलकी, सुमित्रा सहित कई विधायकों के साथ कांग्रेस नेता हरीश रावत के साथ मस्ती करते नजर आ रहे है ।ये वीडियो मुख्यमंत्री कमलनाथ के ऑल इज वेल और शेरा के मंत्री के दावे को सही साबित करता हुआ नजर आ रहा है।वही वीडियो में नेताओं के चेहरों को देख ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के साथ सभी विधायक कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है। सरकार को किसी भी तरह से कोई खतरा नही है।खास बात ये है कि ये वीडियो शेरा भैया समर्थक विक्की ने अपना स्टेटस पर ये वीडियो शेयर किया है।सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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