पुलिस कप्तान का दिखा अलग अंदाज, जनहित में बोरी बांध में किया श्रम दान

पुलिस कप्तान का दिखा अलग अंदाज, जनहित में बोरी बांध में किया श्रम दान

बुरहानपुर।शेख रईस ।

गत वर्षों से गर्मियों में भारी जल संकट से सबक लेते हुए बुरहानपुर जिले में इस वर्ष हुए अच्छी बारिश से नदियों के पानी को सहेजने के साथ साथ अभी से जलस्तर बढ़ने के लागतार प्रयास किये जा रहा है।
जिसको लेकर जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर राजेश कौल के साथ साथ विभन्न संगठनों ,आम जन मानस ने ताप्ती नदी पर बोरी बांन्ध का कार्य किया जा रहा है।

इसी कड़ी में जल सहेजने, जलस्तर बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा ताप्ती नदी पर बोरी बंधान किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से बोरी बंधान जारी है। अब तक कई जनप्रतिनिधि, आमजन, समाजसेवी, अफसर, कर्मचारी श्रमदान कर चुके हैं। कलेक्टर राजेशकुमार कौल हर दिन सुबह 7 से 10 बजे तक बोरी बंधान के लिए श्रमदान कर रहे हैं। शनिवार को एसपी अजयसिंह भी अपनी टीम के साथ श्रमदान करने के लिए पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर और जवानों के साथ मिलकर घमेले फोड़िया हाथ मे लेकर ताप्ती नदी में बोरियों में रेत भर कर बंधा स्थल पर स्वयं उठाकर रखी।
कलेक्टर राजेश कौल ने बताया की इस साल अच्छी बारिश हुई है इसे सहेजना हमारी जिम्मेदारी है। जिलेभर में बोरी बंधान किया जा रहा है जल सहेजेगे तो जलस्तर बना रहेगा।
गत हो कि पिछले वर्ष भीषण गर्मी में पानी के पानी के साथ साथ खेती किसानी के लिए भी पानी की बहुत कमी देखी गई थी जल स्तर काफी गिर गया था इस वर्ष अभी से जनहित में जो प्रयास जिससे इस वर्ष गर्मी में पानी की दिक्कत से बचा जा सकता है और पीने और फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध होगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews