आपने ईशा अंबानी के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी देवयानी जयपुरिया का नाम सुना है? अगर नहीं, तो जान लीजिए कि वो उस फैमिली से हैं जिनकी कंपनियों के बिना शायद भारत में KFC, Pizza Hut या Pepsi जैसी ब्रांड्स नहीं चलतीं। 180000 करोड़ रुपये की संपत्ति की उत्तराधिकारी देवयानी आज एजुकेशन, हेल्थकेयर और फूड सेक्टर में एक मजबूत पहचान रखती हैं। वो अपने पिता रवि जयपुरिया के साथ RJ Corp की जिम्मेदारी बखूबी संभाल रही हैं।
दरअसल रवि जयपुरिया को ‘कोला किंग’ कहा जाता है। उनकी कंपनी Varun Beverages भारत में PepsiCo की बॉटलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर है। यानी भारत में जो Pepsi, 7Up, Mirinda और Mountain Dew की बोतलें आप पीते हैं, उनके पीछे रवि जयपुरिया का बिजनेस है। वरुण बेवरेजेज का मार्केट कैप 1.61 लाख करोड़ रुपये के पार है। यही नहीं, उनकी दूसरी कंपनी RJ Corp के तहत आने वाली Devyani International Ltd भारत में KFC, Pizza Hut, Costa Coffee और TWG Tea जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स की दुकानें चला रही है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक रवि जयपुरिया की कुल संपत्ति करीब 13 अरब डॉलर यानी 1.17 लाख करोड़ रुपये है। दोनों बच्चों वरुण और देवयानी के नाम पर उन्होंने अपनी कंपनियों के नाम रखे हैं। ये दोनों ही आज करोड़ों के कारोबार में एक्टिव रोल निभा रहे हैं।
देवयानी जयपुरिया की Net Worth कितनी है?
बता दें कि देवयानी जयपुरिया फिलहाल 39 साल की हैं और बिजनेस के साथ-साथ सोशल वर्क में भी बेहद एक्टिव हैं। DPS इंटरनेशनल, Cocoon Hospital, और कई स्कूलों-हॉस्पिटल्स की वो संस्थापक या चेयरपर्सन हैं। उनके नाम पर बनी कंपनी Devyani International का मार्केट कैप ₹20,700 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। कंपनी न सिर्फ फूड चेन ऑपरेट करती है, बल्कि हेल्थकेयर सेक्टर में भी स्टेम सेल बैंकिंग, मेदांता हॉस्पिटल, और बजट होटल चेन Lemon Tree में भी निवेश करती है। देवयानी जयपुरिया की लाइफस्टाइल भले ही लो-प्रोफाइल हो, लेकिन बिजनेस के मामले में उनका ग्रिप टॉप लेवल पर है। उनकी कंपनी के जरिए भारत में हजारों लोगों को रोजगार मिलता है और हर रोज लाखों लोग उनके बिजनेस से जुड़ी सेवाएं इस्तेमाल करते हैं।
देवयानी जयपुरिया बनाम ईशा अंबानी
वहीं जहां ईशा अंबानी देश की सबसे चर्चित बिजनेस वुमन में से एक हैं, वहीं देवयानी जयपुरिया की दौलत और काम का स्केल कम नहीं है। एक तरफ ईशा अंबानी रिलायंस ग्रुप की डिजिटल और रिटेल विंग को संभालती हैं, वहीं दूसरी ओर देवयानी भारत की सबसे बड़ी QSR (Quick Service Restaurant) कंपनियों में से एक की लीडर हैं। फर्क बस इतना है कि एक सोशल मीडिया और खबरों में रहती हैं, और दूसरी चुपचाप काम करके करोड़ों का साम्राज्य चला रही हैं। देवयानी जयपुरिया का सफर इस बात का उदाहरण है कि कम बोलकर भी बड़े काम किए जा सकते हैं। आने वाले समय में उनकी लीडरशिप भारत के QSR और हेल्थ सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।





