Hindi News

Gold Rate Today: सोने की कीमतों में तेजी, जानिए 4 जून का 22K और 24K का 10 ग्राम का लेटेस्ट रेट

Written by:Pooja Khodani
Published:
गुरुवार को 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 1,56,260 रुपये पर दर्ज की गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव 1,43,250 रुपये चल रही है। चांदी के दाम 2,65,000 रुपए के आसपास ट्रेड कर रहे हैं।

​मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच चल रही तनातनी और संघर्ष विराम वार्ताओं को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ​भारतीय सराफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है। 4 जून 2026 को सबसे शुद्ध माने जाने वाले 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,380 रुपये से 1,56,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच पहुंच गई है। वहीं, आभूषण बनाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 1,43,100 से 1,46,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज की गई है।

​इसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर डॉलर और कच्चे तेल में आई गिरावट को माना जा रहा है। वहीं इंडस्ट्रियल मांग और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के बीच 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 2,59,143 रुपये से लेकर 2,63,439 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है। वैश्विक बाजार में आज हाजिर सोना (Spot Gold) 4,461 डॉलर प्रति औंस और चांदी 73 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। विदेशी बाजारों में आई इस मजबूती का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है।

राहत की बात ये है कि ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड के दाम करीब 1 प्रतिशत तक फिसलकर 95 से 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में इस गिरावट से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर कम हुआ है, जिससे बाजार को सहारा मिला है। भारतीय रुपए और घरेलू अर्थव्यवस्था के लिहाज से कच्चे तेल का सस्ता होना एक बेहद शुभ संकेत है। इससे भारत का आयात बिल घटेगा और रुपए को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हाल ही में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) लागू होने की खबर से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा लंबा सैन्य व कूटनीतिक तनाव बातचीत के जरिए सुलझ सकता है। अगर तनाव बढ़ा, तो क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि ईरान की तरफ से संकेत दिए गए हैं कि अमेरिका के साथ शांति समझौते से लेकर जुड़ी बातचीत में अबतक कोई हल नहीं निकला है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली केंद्रीय बैंकों की बैठकें और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल आज के लिए बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से शांति वार्ताओं और डॉलर की चाल पर टिका हुआ है। अमेरिकी लेबर मार्केट से जुड़े मजबूत आंकड़ों के बाद संभावना जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरों को उच्च स्तर पर रख सकता है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews