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मप्र जनजातीय कार्य विभाग तबादला नीति: 8 जून तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, e-HRMS पोर्टल पर होगी प्रक्रिया

Written by:Pooja Khodani
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जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि आवेदन में दर्ज सभी जानकारियों की जिम्मेदारी संबंधित आवेदक की होगी। जानकारी का सत्यापन करने वाले आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) भी इसके लिए जवाबदेह होंगे।

मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने राज्य शासन की स्थानांतरण नीति 2026-27 के तहत अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के आवेदनों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। आवेदक द्वारा चुने गए विकल्पों में यदि पद रिक्त नहीं होगा तो अन्य संस्थान में पदस्थापना नहीं की जाएगी।

आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्वैच्छिक तबादले के लिए आवेदन की प्रक्रिया 3 जून से शुरू हो गई है और 8 जून तक e-HRMS पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदक तबादले के लिए अधिकतम 15 कार्यालयों/संस्थाओं का चयन कर सकेंगे।

ध्यान रहे एक बार आवेदन सबमिट होने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा। आवेदन में दर्शाए गए कारणों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज PDF स्वरूप में अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिनका आकार अधिकतम 2 MB निर्धारित किया गया है।

गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई

विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि आवेदन में गलत जानकारी देने या सत्यापन में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी एवं सत्यापन अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पोर्टल पर प्रदर्शित रिक्तियां अस्थायी (टेंटेटिव) होंगी और समय-समय पर अपडेट की जा सकेंगी।

शिक्षकों के लिए नियम

  • माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के तबादले केवल उनके विषय की रिक्तियों पर ही किए जाएंगे।
  • प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक स्थानांतरण परिवीक्षा अवधि के दौरान नहीं किए जाएंगे।
  • जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 5 जून 2026 तक e-HRMS पोर्टल पर सभी रिक्त पदों की सही जानकारी दर्ज एवं सत्यापित करें।
  • रिक्तियों की एंट्री और सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख, डीडीओ एवं ऑफिस एडमिन की होगी।
  • केवल ऑनलाइन आवेदन करने मात्र से तबादले का अधिकार सुनिश्चित नहीं होगा।

आवेदनों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा और इस संबंध में मप्र शासन का निर्णय अंतिम माना जाएगा। यह आदेश प्रदेश के जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा शिक्षकों पर लागू होगा।

Pooja Khodani
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