उत्तराखंड में आज कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी का इंतजार था, एक मुलाकात का, विचारों के आदान-प्रदान का, आपके सुख-दुख साझा करने का। लेकिन कुदरत के बदलते मिजाज ने इस इंतजार को एक वादे में बदल दिया। वो वादा जो राहुल गांधी ने उत्तराखंड के अपने प्यारे भाइयों और बहनों से किया है, बहुत जल्द वापस आने का, बिना किसी जल्दबाज़ी के, आप सबसे मिलने का, आपकी बातें सुनने का।
दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आए राहुल गांधी के आज के कार्यक्रम रद्द हो गए। आज सुबह पहले उन्हें अल्मोड़ा में एक जनसभा को संबोधित करना था। लेकिन खराब मौसम, वो खराब मौसम जिसने प्रकृति को राहुल गांधी के रास्ते का खलनायक बना दिया, उसने अल्मोड़ा पहुंचने से रोक दिया। राहुल गांधी पंतनगर एयरपोर्ट पर उतरे थे, वहां से उन्होंने अल्मोड़ा के लिए हेलीकॉप्टर से उड़ान भरने की कोशिश भी की। लेकिन खराब मौसम का मिजाज ऐसा था कि पायलट ने हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने से साफ मना कर दिया। सुरक्षा सर्वोपरि होती है, और इस सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
सिर्फ अल्मोड़ा का ही कार्यक्रम नहीं, दोपहर दो बजे पौड़ी गढ़वाल में उनका एक और महत्वपूर्ण दौरा प्रस्तावित था, उसे भी रद्द कर दिया गया। खराब मौसम की वजह से यह मुलाकात भी मुमकिन नहीं हो पाई। पंतनगर एयरपोर्ट से राहुल गांधी को वापस दिल्ली लौटना पड़ा, लेकिन उनका मन उत्तराखंड में ही रह गया, अपने लोगों से मिलने की चाह में।
राहुल गांधी ने जारी किया वीडियो संदेश
राहुल गांधी ने अपनी वापसी के तुरंत बाद एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी किया। यह संदेश सिर्फ एक सूचना नहीं था, यह था उत्तराखंड के अपने प्यारे भाइयों और बहनों के लिए उनके मन की बात। उन्होंने कहा कि आज मैं आप सबसे मिलना चाहता था, आपके बीच बैठकर आपके विचार सुनना चाहता था, आपके सुख-दुख, आपकी उम्मीदें और आपकी चिंताएं समझना चाहता था। बदकिस्मती से, खराब मौसम की वजह से यह मुमकिन नहीं हो पाया।
उन्होंने बताया कि कैसे आज सुबह वे पंतनगर पहुंचे थे, और कैसे उन्हें पब्लिक मीटिंग के लिए हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा जाना था। लेकिन खराब मौसम, जिसने आज पूरे दिन उनके कार्यक्रमों को बाधित किया, उसे देखते हुए पायलट ने टेक ऑफ करने से साफ मना कर दिया। यह प्राकृतिक बाधा, यह मौसम की मार, जिसने आज उन्हें आप तक पहुंचने नहीं दिया।
उत्तराखंड के मौजूदा हालात और भविष्य पर चर्चा की थी तैयारी
राहुल गांधी ने उन सभी बातों का जिक्र किया जो वे आपसे करना चाहते थे। वो बातें जो उत्तराखंड के मौजूदा हालात के बारे में थीं, राज्य के आर्थिक और सामाजिक मुद्दों के बारे में थीं, राज्य और आपके भविष्य के बारे में थीं, और उन चुनौतियों के बारे में थीं जिनका सामना उत्तराखंड आज कर रहा है। पौड़ी गढ़वाल में एक्स-सर्विसमैन के साथ एक ज़रूरी मीटिंग और सेशन भी तय था, जहां वे हमारे देश के वीर सपूतों से मिलना चाहते थे। इसके अलावा, दीपक का कोटद्वार में जिम जाने का भी एक व्यक्तिगत कार्यक्रम था, जो दुर्भाग्यवश रद्द हो गया।
हम सब कुदरत के आगे झुके हुए हैं, और साथ चलने वालों की सेफ्टी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कभी-कभी हालात हमारी मर्ज़ी के मुताबिक नहीं होते, लेकिन इससे आपसे मिलने की इच्छा या आपसे जुड़ाव कम नहीं होता। यह जुड़ाव, यह अपनापन, जो राहुल गांधी उत्तराखंड के लोगों से महसूस करते हैं, वह कभी कम नहीं हो सकता।
राहुल गांधी ने उत्तराखंड की जनता से वापसी का वादा
और इसी जुड़ाव के साथ, उन्होंने एक वादा किया। मैं आपसे वादा करता हूँ कि मैं बहुत जल्द उत्तराखंड वापस आऊँगा। यह वादा सिर्फ एक तारीख का नहीं, यह वादा है आपसे फिर मिलने का, आपसे बिना किसी जल्दबाज़ी के बात करने का, आपके आइडिया सुनने का और साथ मिलकर राज्य के बेहतर भविष्य की दिशा पर चर्चा करने का। हम जल्द ही मिलेंगे, एक नई ऊर्जा के साथ, एक नए संवाद के साथ। यह वादा राहुल गांधी का है, उत्तराखंड के लोगों से, उनकी उम्मीदों से, उनके भविष्य से।
उत्तराखंड के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,
आज मैं आप सबसे मिलना चाहता था, आपके बीच बैठकर आपकी बातें सुनना चाहता था, आपके सुख-दुख, आपकी आशाओं और आपकी चिंताओं को समझना चाहता था। दुर्भाग्य से, मौसम की गंभीर खराबी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।
आज सुबह मैं पंतनगर पहुँच गया था। वहाँ… pic.twitter.com/FQ7cO6gIeh
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 4, 2026





