Hindi News

मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा, सुरक्षा और सुगम दर्शन पर जोर, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने की चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा, सुरक्षा और सुगम दर्शन पर जोर, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक ली, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने साफ तौर पर कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद और सुव्यवस्थित प्रबंधन से ही इस यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रात्रि दस बजे से सुबह चार बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर ट्रकों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही अनुमति दी जाए, जबकि दिन के समय ऐसे वाहनों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने भीड़ प्रबंधन को लेकर दिए खास निर्देश

भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने खास निर्देश दिए कि यदि किसी भी धाम अथवा पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होती है, तो नीचे स्थित होल्डिंग एरिया और प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजने की बात कही, जिससे धामों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को यह भी समझाया कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि और आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली, एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप चैनल और एफएम रेडियो के माध्यम से लगातार अद्यतन सूचनाएं प्रसारित की जाएं। मार्ग अवरोध, मौसम में बदलाव, यातायात जाम अथवा दर्शन में विलंब जैसी परिस्थितियों की जानकारी भी समय रहते यात्रियों तक पहुंचाई जाए, जिससे भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो।

सीएम धामी ने दिए सतर्कता और वैज्ञानिक प्रबंधन के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का प्रथम चरण प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संचालित हुआ है। अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून और प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों और सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलेन मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस और राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने गढ़वाल मंडल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने चारों धामों और पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने पैदल मार्गों पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था और उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचा सकें।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews