भोपाल में होटल और रेस्टोरेंटों की फायर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर प्रश्न उठाते हुए राज्य सरकार और प्रशासन को घेरा है। उन्होंने कहा कि भोपाल में करीब 3200 होटल और रेस्टोरेंट संचालित हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 38 संस्थानों के पास ही फायर एनओसी है। वहीं नगर निगम के रिकॉर्ड में सिर्फ 463 होटल-रेस्टोरेंट दर्ज हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और सवाल खड़ा करती है कि बाकी संस्थान किसकी शह पर संचालित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहा है और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगते हुए कहा कि जब राजधानी ही सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश की जनता अपनी सुरक्षा की उम्मीद किससे करे।
दिल्ली की घटना का हवाला दिया
उमंग सिंघार ने अपने बयान में हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड का जिक्र किया। इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में होटल में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार होटल को सीमित कमरों की अनुमति थी, लेकिन उससे अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे और फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।
कारगर कदम उठाने की मांग
उमंग सिंघार ने कहा है कि दिल्ली जैसी दुखद घटना के बाद भी यदि भोपाल में फायर सुरक्षा के ऐसे हाल है तो यह प्रदेश सरकार और प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि राजधानी सहित पूरे प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट, लॉज और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तत्काल फायर सुरक्षा जांच कराई जाए और बिना फायर एनओसी संचालित हो रहे संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाए।






