शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और शारीरिक शोषण के आरोप में गिरफ्तार किए गए मुरैना के डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को आज अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी और पंद्रह दिन के लिए उन्हें जेल भेज दिया है।
यह पहली बार नहीं है जब अरविंद माहौर विवादों में आए हों। पिछले साल सितंबर में सबलगढ़ एसडीएम रहते हुए उनके खिलाफ एक युवती से अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न की शिकायत सामने आई थी। पीड़ित परिवार ने जनसुनवाई में मुरैना कलेक्टर को शिकायत और एक वीडियो सौंपा था जिसमें उनपर युवती को आपत्तिजनक फोन कॉल करने, धमकाने और परिवार को परेशान करने के आरोप लगाए गए थे। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया था।
अदालत ने अरविंद माहौर को जेल भेजा
मुरैना जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण करने के गंभीर आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गुरुवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां अदालत ने ज़मानत याचिका नामंज़ूर करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया।
महिला ने लगाए हैं गंभीर आरोप
बता दें कि पीड़िता ने डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने विवाह करने का वादा कर उसका विश्वास जीता और इसी आधार पर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसने पुलिस की शरण ली।
शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और उसका मेडिकल परीक्षण कराया। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए गए। मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।






