खैर लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी को लेकर मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी बीच मुरैना के जौरा में वन विभाग ने एक लोडिंग वाहन पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है। वाहन में बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी भरी हुई थी। शुरुआती जांच में चालक लकड़ी से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाया, जिसके बाद वाहन और लकड़ी को जब्त कर लिया गया।
वन विभाग को इस कार्रवाई से पहले गुप्त सूचना मिली थी कि खैर की छिली हुई लकड़ी से भरा एक वाहन क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम ने पगारा कोठी और सुमावली इलाके में निगरानी बढ़ा दी। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन दिखाई दिया। टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन लेकर भाग निकला। इसके बाद वन अमले ने पीछा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर टेकरी के पास वाहन को घेरकर पकड़ लिया। जांच में वाहन के अंदर भारी मात्रा में खैर की लकड़ी मिली।
जांच के घेरे में खैर लकड़ी तस्करी का नेटवर्क
वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब केवल वाहन चालक ही नहीं बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह लकड़ी को रतलाम की ओर लेकर जा रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि लकड़ी कहां से काटी गई, किन लोगों ने इसकी खरीद-बिक्री की और इसका अंतिम गंतव्य क्या था।
सूत्रों के अनुसार मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि विभाग ने अभी किसी के खिलाफ आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि जांच में बड़े नेटवर्क की पुष्टि होती है तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
खैर लकड़ी क्यों है खास ?
खैर का पेड़ वन संपदा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसकी लकड़ी और इससे निकलने वाले पदार्थ का उपयोग कई उद्योगों में किया जाता है। यही वजह है कि अवैध कटाई और तस्करी के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बिना अनुमति खैर की कटाई और परिवहन कानूनन अपराध है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
मुरैना में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि लकड़ी से भरा वाहन जिले से बाहर जा रहा था तो रास्ते में मौजूद अन्य निगरानी बिंदुओं पर इसकी जांच क्यों नहीं हुई। जांच एजेंसियां इस पहलू को भी देख रही हैं। वहीं वन विभाग ने साफ किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति अवैध तस्करी में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






