मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सोमवार सुबह घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची की मौत सिर्फ इसलिए हो गई क्योंकि सड़क किनारे रखा भारी सीवर लाइन का पाइप अचानक लुढ़क गया। कुछ ही पल में खेलती हुई बच्ची उस पाइप के नीचे दब गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
सड़क निर्माण या सीवर लाइन के काम के दौरान कई जगह भारी पाइप और निर्माण सामग्री लंबे समय तक खुले में छोड़ दी जाती है। लेकिन जब सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाते, तो ऐसे हादसे किसी भी परिवार की जिंदगी बदल देते हैं।
कैसे हुआ मुरैना सीवर पाइप हादसा?
जानकारी के अनुसार यह हादसा मुरैना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की सिंगल बस्ती में सोमवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। धर्मेंद्र बाल्मीकि की चार वर्षीय बेटी अंशिका उर्फ अंशू अपने घर के बाहर खेल रही थी।
घर के सामने सड़क किनारे एक बड़ा सीवर लाइन का पाइप रखा हुआ था। खेलते-खेलते अंशू पाइप पर जाकर बैठ गई। जैसे ही उसका वजन पाइप पर पड़ा, वह धीरे-धीरे लुढ़कने लगा। बच्ची संतुलन खोकर नीचे गिर गई और भारी पाइप सीधे उसके ऊपर चढ़ गया।
पास में खेल रहे बच्चों ने यह घटना देखी और तुरंत शोर मचाया। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और पाइप हटाकर बच्ची को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार ने ठेकेदार पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद परिजनों का गुस्सा साफ दिखाई दिया। मृतक बच्ची के परिवार का आरोप है कि सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
परिजनों का कहना है कि यह पाइप कई महीनों से सड़क किनारे बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के रखा हुआ था। स्थानीय लोगों ने कई बार ठेकेदार से इसे हटाने की मांग की थी, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
मृतक बच्ची के चाचा रघुवीर बाल्मीकि ने बताया कि उन्होंने कई बार ठेकेदार को चेतावनी दी थी कि पाइप बच्चों के लिए खतरा बन सकता है। उनका आरोप है कि ठेकेदार ने पाइप हटाने से साफ इनकार कर दिया था।
सड़क निर्माण के दौरान क्यों बना खतरा?
स्थानीय लोगों के अनुसार सिंगल बस्ती में सीवर लाइन का काम काफी पहले पूरा हो चुका था। करीब तीन महीने पहले सड़क और नाले के निर्माण के दौरान पुराने सीवर पाइप को निकालकर सड़क किनारे रख दिया गया।
काम पूरा होने के बाद भी पाइप वहीं पड़ा रहा। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि पाइप को स्थिर रखने के लिए किसी प्रकार का सुरक्षा इंतजाम नहीं किया गया। आमतौर पर ऐसे भारी गोल पाइपों को लुढ़कने से रोकने के लिए उनके नीचे स्टॉपर या ईंटें लगाई जाती हैं, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया। यही कारण रहा कि बच्ची के पाइप पर बैठते ही वह लुढ़क गया और बड़ा हादसा हो गया।






