मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार लगातार दावे कर रही है, लेकिन मुरैना जिले से सामने आई एक शिकायत ने स्थानीय वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल सुमावली के एक किसान ने आरोप लगाया है कि निजी खाद विक्रेता ने नियमों के मुताबिक खाद देने के बजाय कथित तौर पर मुख्यमंत्री से बात कराने की बात कही। इस घटना के बाद इलाके के किसानों में नाराजगी बढ़ गई है।
वहीं किसानों का कहना है कि खेती के सबसे अहम समय में उन्हें समय पर यूरिया नहीं मिल पा रही है। उनका आरोप है कि कई जगहों पर प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
मुरैना खाद वितरण विवाद में क्या हैं किसानों के आरोप?
दरअसल सुमावली क्षेत्र के किसान मोनू राजोरिया ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी फसल के लिए यूरिया लेने एक निजी खाद दुकान पर पहुंचे तो उन्हें खाद देने के बजाय कहा गया कि “कलेक्टर या मुख्यमंत्री से बात करा दो, तभी खाद मिलेगी।” दूसरी ओर, जिला प्रशासन पहले ही सभी सरकारी और निजी खाद विक्रेताओं को बिना टोकन किसानों को खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दे चुका है। किसानों का आरोप है कि कुछ दुकानों पर इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि कई लोगों को आसानी से खाद मिल रही है, जबकि सामान्य किसान घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। इन आरोपों ने वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब किसान चाहते हैं कि संबंधित दुकान के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
प्रशासन से किसानों की मांग
वहीं खरीफ सीजन में समय पर यूरिया और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता फसल की अच्छी पैदावार के लिए बेहद जरूरी होती है। यदि किसानों को सही समय पर खाद नहीं मिलती, तो बुवाई के बाद फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और उत्पादन कम होने का खतरा रहता है। किसानों का कहना है कि प्रशासन को नियमित निरीक्षण करना चाहिए ताकि किसी भी तरह की मनमानी, कालाबाजारी या पक्षपात की शिकायत सामने आने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। किसानों ने मांग की है कि जिन दुकानों पर शिकायतें मिली हैं, वहां स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जाए और यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विशेष आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।






