दमोह। तेजगढ़ थाना क्षेत्र के समदई गांव में इस समय गहरा मातम पसरा हुआ है, जिसकी वजह एक होनहार युवा किसान की असमय मृत्यु है। खेत में टूटी 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवा किसान धनीराम यादव की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे न केवल उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरी गांव बस्ती गमजदा है। धनीराम ने अपने जीवनकाल में कई किसानों को उन्नत खेती के गुण सिखाकर उनकी किस्मत बदली थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वह खुद एक हादसे का शिकार हो गया। इस घटना ने ग्रामीणों में गहरा आक्रोश भर दिया है, जो इस मौत के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, युवा किसान धनीराम यादव अपने खेत में लगी फसल को देखने गए थे। तभी खेत से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर गिरा और धनीराम उसकी चपेट में आ गए। आसपास के खेतों में काम कर रहे दूसरे किसानों ने जब यह देखा तो वे तुरंत मदद के लिए दौड़े और किसी तरह धनीराम को तार से अलग किया। बिना किसी वक्त की बर्बादी के, गंभीर रूप से झुलसे धनीराम को तत्काल दमोह जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश इलाज मिलने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि यह मौत महज एक हादसा नहीं, बल्कि बिजली विभाग की वर्षों पुरानी लापरवाही का सीधा परिणाम है। उनके मुताबिक, गांव से गुजरने वाली बिजली लाइनों के तार आए दिन खेतों में टूटकर गिरते रहते हैं। इससे पहले कई बार फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसे ग्रामीणों ने किसी तरह सहन कर लिया था, लेकिन अब एक नौजवान की जान चली गई, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ समदई गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों में भी बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों की हालत बेहद जर्जर है। जिस हालत में ट्रांसफार्मर और तार लगे हुए हैं, उन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण इलाकों के लोग हर दिन किस तरह खतरों से खेलते हैं। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, और धनीराम की मौत इसी लापरवाही का नतीजा है।
किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा
इस युवा किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में बिजली विभाग के अधिकारी अपनी लापरवाही मानने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। बिजली विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता एम.एल. साहू का चौंकाने वाला दावा है कि कोई तार नहीं टूटा था, बल्कि मृतक धनीराम यादव ट्रांसफार्मर के पास से अपना बिजली कनेक्शन ठीक कर रहे थे और इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। अधिकारी अब यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि लोग खुद से सुधार कार्य न करें, अन्यथा वे भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। एक तरफ जहां ग्रामीण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल, पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम कराया है और तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में मामले की जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वास्तव में हादसा किस वजह से हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था और उससे होने वाले जानलेवा हादसों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





