मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। तेंदूखेड़ा बस स्टैंड पर सवारी लेकर पहुंचे एक ऑटो चालक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। घटना के दौरान बस स्टैंड पर मौजूद लोगों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
मृतक की पहचान जबलपुर जिले की पाटन तहसील निवासी कैलाश कौल के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक वह अपने ऑटो से सवारियों को लेकर देवरी गांव की ओर जा रहे थे। तेंदूखेड़ा बस स्टैंड पहुंचते ही उन्होंने अचानक ऑटो रोका और असहज महसूस करने लगे। ऑटो में बैठे यात्रियों ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए उन्हें उसी ऑटो से तेंदूखेड़ा सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तेंदूखेड़ा बस स्टैंड पर अचानक बिगड़ी तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सब कुछ कुछ ही सेकंड में हुआ। ऑटो चालक सामान्य तरीके से वाहन चला रहे थे, लेकिन बस स्टैंड पहुंचते ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने प्राथमिक मदद देने की कोशिश की और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती जांच में साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका नजर आ रही है। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मृतक की पत्नी ने बताया कि कैलाश घर से पूरी तरह स्वस्थ होकर निकले थे। परिवार को किसी तरह की बीमारी या गंभीर स्वास्थ्य समस्या की जानकारी नहीं थी। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि रिपोर्ट में कोई अन्य कारण सामने आता है तो उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
साइलेंट हार्ट अटैक के मामलों ने बढ़ाई चिंता
डॉक्टरों के अनुसार साइलेंट हार्ट अटैक कई बार बिना किसी बड़े संकेत के भी आ सकता है। कई लोगों को केवल हल्की बेचैनी, घबराहट, पसीना, कमजोरी, सीने में दबाव या सांस लेने में तकलीफ जैसे सामान्य लक्षण महसूस होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे मामलों में कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तनाव, अनियमित दिनचर्या, धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय संबंधी पुरानी समस्याएं हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती है या वह बेहोश होने लगे, तो बिना समय गंवाए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। दमोह की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अचानक आने वाली स्वास्थ्य आपात स्थिति में समय पर इलाज और सतर्कता ही किसी की जान बचाने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है।






