वैश्विक वित्तीय बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज भी निवेशकों के बीच नरमी का माहौल बना रहा। दरअसल लगातार दूसरे दिन प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बता दें कि आज 4 जून को कारोबार की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव दिखा है।
दरअसल देश के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 74,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 50 अंकों से ज्यादा लुढ़ककर 23,350 के अहम स्तर पर आ गया।
इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट
आज के कारोबार में जिन सेक्टर्स में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली, उनमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और मेटल शेयर प्रमुख रहे। इन क्षेत्रों के शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार की कुल गिरावट को और गहरा कर दिया। निवेशकों ने इन सेक्टर्स से दूरी बनाए रखी, जिससे इनके प्रमुख शेयरों में भारी दबाव दिखा।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
घरेलू बाजारों में इस नरमी की एक बड़ी वजह एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत भी हैं। आज पूरे एशिया में प्रमुख बाजारों में गिरावट का रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 88 अंकों की गिरावट के साथ 8725 पर बंद हुआ, जो 0.96% की कमी दर्शाता है। जापान का निक्केई भी 1087 अंक यानी 1.90% टूटकर 67102 पर आ गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 376 अंक यानी 1.43% की गिरावट के साथ 25257 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इन बाजारों में हुई बिकवाली ने भारतीय निवेशकों के मनोबल को कमजोर किया।
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी बड़ी गिरावट
इससे पहले, कल अमेरिकी शेयर बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर आज एशियाई और भारतीय बाजारों पर साफ दिखा। डाउ जोन्स इंडेक्स 621 अंक यानी 1.21% की गिरावट के साथ 50687 पर बंद हुआ था। नैस्डैक में भी 240 अंकों की कमी आई, जो 0.89% की गिरावट के साथ 26854 पर रहा। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 56 अंक यानी 0.74% लुढ़ककर 7554 पर बंद हुआ था। इन वैश्विक गिरावटों ने निवेशकों के बीच जोखिम लेने की प्रवृत्ति को कम किया है।
बीते दिन कैसा था कारोबार?
गौरतलब है कि आज की गिरावट से पहले, कल 3 जून को भी शेयर बाजार में नरमी का रुख रहा था। कल के कारोबार में सेंसेक्स 303 अंकों की गिरावट के साथ 74,346 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 77 अंकों की कमी दर्ज की गई थी, और यह 23,405 के स्तर पर बंद हुआ था। लगातार दो दिनों की यह गिरावट बाजार में मौजूदा अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।






