आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए निराशा का दिन रहा है, जब प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। दरअसल बुधवार, 3 जून को कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव दिखा और दिन चढ़ने के साथ यह दबाव बढ़ता गया। वहीं देश के प्रमुख शेयर सूचकांक, सेंसेक्स में आज 700 अंकों की भारी कमी दर्ज की गई, जो कि कुल 0.96 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। इस गिरावट के बाद सेंसेक्स 73,900 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 200 अंकों की महत्वपूर्ण गिरावट के साथ 23,300 के स्तर पर आ गया। निफ्टी में यह गिरावट 0.80 प्रतिशत रही, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा
दरअसल घरेलू बाजार में इस बड़ी गिरावट के बीच, एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 13 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 8801 पर बंद हुआ, जो 0.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जापान का निक्केई सूचकांक भी 1718 अंकों की प्रभावशाली तेजी के साथ 68452 के स्तर पर पहुंचा, जिसमें 2.57 प्रतिशत का उछाल देखा गया। हालांकि, दूसरी ओर, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग सूचकांक 434 अंकों की गिरावट के साथ 25604 पर आ गया, जो 1.56 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। एशियाई बाजारों की यह मिश्रित प्रतिक्रिया वैश्विक आर्थिक संकेतों और स्थानीय कारकों के प्रति उनकी अलग-अलग प्रतिक्रिया को इंगित करती है।
अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी
वहीं, भारतीय बाजारों में आज की नरमी के विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी का माहौल देखने को मिला था। डाउ जोन्स सूचकांक 229 अंकों की बढ़त के साथ 51308 पर बंद हुआ, जिसमें 0.45 प्रतिशत का इजाफा हुआ। नैस्डैक में भी 7 अंकों की मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 27094 के स्तर पर पहुंचा और इसमें 0.03 प्रतिशत की तेजी आई। इसी तरह, एस एंड पी 500 सूचकांक भी 10 अंक चढ़कर 7610 पर रहा, जो 0.13 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। अमेरिकी बाजारों की यह सकारात्मक चाल वैश्विक निवेशकों के लिए एक मिश्रित संकेत पेश करती है, खासकर भारतीय बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए।
बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार से 8,363 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह बिकवाली का आंकड़ा पिछले कुछ दिनों से लगातार बना हुआ है, जो बाजार पर दबाव डाल रहा है। बीते सात दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो, विदेशी निवेशकों ने कुल 33,381 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि पिछले तीस दिनों में यह आंकड़ा 71,074 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को कुछ हद तक सहारा देने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को DII ने 9,589 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीते सात दिनों में DII की कुल खरीद 31,463 करोड़ रुपये रही है, और पिछले तीस दिनों में उन्होंने 92,603 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली के सामने घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी आज बाजार को गिरने से रोकने में नाकाम रही।
बीते दिन कैसा था कारोबार?
गौरतलब है कि आज की इस तेज गिरावट से ठीक एक दिन पहले, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल था। कल सेंसेक्स 383 अंक चढ़कर बंद हुआ था, जिससे निवेशकों में कुछ उम्मीद जगी थी। लेकिन आज की गिरावट ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस प्रकार, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और प्रमुख आईटी शेयरों में मुनाफावसूली ने आज भारतीय शेयर बाजार को गहरे लाल निशान में धकेल दिया, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर नकारात्मक असर पड़ा है।






