अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अगर आप 5 मार्च 2026 को सोना या चांदी खरीदने के लिए बाजार जाने की सोच रहे हैं तो पहले ताजा भाव चेक कर लीजिए। गुरुवार को सोने के दाम में ₹980 प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है लेकिन चांदी के भाव में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया है। इससे पहले बुधवार शाम (4 मार्च 2026) को 24 कैरेट का भाव ₹1,64,660 और चांदी का भाव ₹2,85,000 (प्रति किग्रा) पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं भारतीय सराफा बाजार (व्यापारियों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) द्वारा जारी अलग-अलग शहरों का 18, 22 और 24 कैरेट का लेटेस्ट रेट…
प्रमुख शहरों का चांदी (Silver Rate Today) का भाव
- 10 ग्राम: ₹2,850
- 100 ग्राम: ₹28,500
- ₹2,85,000 (प्रति किग्रा): दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर ।
- ₹2,95,000 (प्रति किग्रा): चेन्नई, मदुरै, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल। (दक्षिण भारत के राज्यों के भाव में मेकिंग चार्ज, डीलर प्रीमियम/स्थानीय शुल्क, परिवहन लागत और मांग के चलते कीमतों में बढ़त बनी है।)
18 कैरेट (18K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)
- मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,22,800
- इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,22,700
- मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,22,650
- चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,30,390
22 कैरेट (22K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)
- मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,50,050
- इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा: ₹1,49,950
- मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,49,900
- चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै: ₹1,51,200
24 कैरेट (24K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)
- मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,63,680
- इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,63,580
- मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,63,530
- चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,64,950 (दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय प्रीमियम/मेकिंग/डीलर मार्जिन के कारण अंतर)
सोना खरीदते हैं तो इन बातों का रखें ज्ञान
भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के दिन नए रेट जारी नहीं होते हैं। IBJA के रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क व HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर जांचें। हॉलमार्क के निशान में BIS लोगो (भारतीय मानक ब्यूरो का आधिकारिक प्रतीक), कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर (एक यूनिक अल्फा-न्यूमेरिक कोड) और सेंटर मार्क ( लैब टेस्टिंग निशान) होता है।
18K, 20K, 22K से 24K की शुद्धता कैसे जांचे?
सोने की शुद्धता को ‘कैरेट’ में मापा जाता है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, लेकिन आभूषण बनाने के लिए इसमें अन्य धातुओं का मिश्रण जरूरी होता है। यही कारण ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट का ही सोना बेचते हैं। खरीदारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप जितने कैरेट का पैसा दे रहे हैं, गहने पर वही अंक (जैसे 916 या 750) दर्ज हो।
- 24 कैरेट सोना (24K Gold): यह सोने का सबसे शुद्ध रूप है, जिसमें 99.9% (999) सोना होता है। इसमें कोई अन्य धातु नहीं मिली होती। इसका रंग गहरा चमकदार पीला होता है। 24 कैरेट सोना बहुत नरम (Soft) होता है, जिसके कारण इससे जटिल नक्काशी वाले आभूषण बनाना संभव नहीं है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्के, बार (ईंटें) और निवेश के लिए किया जाता है।
- 22 कैरेट सोना (22K Gold): इसमें 91.6% शुद्ध सोना होता है और बाकी 8.4% अन्य धातुएं जैसे तांबा, चांदी या जस्ता मिलाया जाता है। भारत में अधिकांश पारंपरिक आभूषण (जैसे हार, चूड़ियां) इसी से बनाए जाते हैं। इसे ‘बीआईएस 916’ गोल्ड भी कहा जाता है।
- 20 कैरेट सोना (20K Gold): 83.3% शुद्ध सोना होता है और शेष 16.7% अन्य धातुएं (जैसे तांबा, चांदी, जस्ता) होती हैं। यह 22 कैरेट से अधिक मजबूत होता है। हालांकि, बाजार में 22K और 18K के मुकाबले इसका चलन थोड़ा कम है।
- 18 कैरेट सोना (18K Gold): इसमें 75% शुद्ध सोना होता है और 25% अन्य धातुएं (जैसे तांबा या चांदी) मिलाई जाती हैं। इसका रंग 22K के मुकाबले थोड़ा हल्का होता है। हीरे (Diamond) और पत्थर जड़े हुए आभूषणों के लिए यह सबसे उपयुक्त है, क्योंकि यह पत्थरों को मजबूती से पकड़ कर रखता है।
इन कारणों से प्रभावित हो रहे सोने-चांदी के भाव
- अंतरराष्ट्रीय बाजार
- अमेरिकी डॉलर की स्थिति
- वैश्विक मांग
- भू-राजनीतिक तनाव
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरें
- शेयर बाजार का प्रदर्शन
- कच्चे तेल की कीमतें
- सट्टा बाजार की गतिविधियां
- आपूर्ति और मांग का अंतर
- चांदी की औद्योगिक मांग
- भारतीय बाजार
- स्थानीय कारक
- भारत जैसे देशों में आयात शुल्क और अन्य कर
- घरेलू दामों पर USD-INR
- आयात शुल्क
- जीएसटी/टीसीएस
- लोकल मेकिंग चार्ज
- देश की महंगाई दर
- त्योहार और शादियों का सीजन भी कीमतों पर असर डालते हैं।
नोट- ऊपर दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं। सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें।






