कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के चलते आज सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 23 अप्रैल 2026 को भारतीय सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव 153,700 रुपये पहुंच गया है। वहीं, 22 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 140,900 रुपये चल रही है। चांदी 2,60,000 लाख के स्तर पर कारोबार कर रही है। इससे पहले बुधवार (22 अप्रैल 2026) को सोने का भाव 1,54,900 और चांदी के दाम 2,65,000 रुपए पर बंद हुआ था।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति न होने और युद्ध की स्थिति लंबी खिंचने की आशंकाओं के चलते सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम की अवधि बढ़ा दी है लेकिन ईरान ने सीजफायर से इंकार कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। चुंकी जब कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिलती है, जिसका प्रभाव सोने की कीमतों पर भी देखने को मिलता है। बाजार का ध्यान भी अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की 28-29 अप्रैल, 2026 को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक पर है जो आगे की दिशा तय करने में एक प्रमुख कारक साबित होगी। फिलहाल मिडिल ईस्ट में जब तक तनाव जारी रहता है तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकती है।
निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश मानते हैं लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के चलते असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि सोने-चांदी की कीमतों और शेयर बाजार की दिशा तय करने के लिए इस बैठक पर नजर रखे हुए हैं। जानकारों की मानें है कि 2026 के अंत तक सोना $5,000 प्रति औंस (अंतरराष्ट्रीय) और भारत में ₹1.7 लाख के स्तर को छू सकता है। आने वाले समय में आम आदमी के लिए सोना खरीदना और भी मुश्किल हो सकता है, हालांकि वास्तविक कीमत उस समय की आर्थिक स्थिति, महंगाई और ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगी।
सोने के महंगे होने के कारण चांदी की भी डिमांड लगातार बढ़ रही है। खास करके चीन में लोग सस्ते विकल्प के रूप में चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। मार्च 2026 में चीन ने 836 टन चांदी का आयात किया है। चीन का चांदी आयात एक महीने में 78% बढ़ गया। 10 सालों के एवरेज सीजनल इंपोर्ट से यह 178 गुना ज्यादा है। इस साल आयात 1,626 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। IBJA के रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए, अलग-अलग शहरों और शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच अवश्य करें। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।






