गुरुवार, 12 फरवरी का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुआ। बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और दिन चढ़ने के साथ यह गिरावट और गहरी होती गई। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों ही लाल निशान पर कारोबार करते हुए खुले और बिकवाली के दबाव में लगातार नीचे गिरते रहे।
बाजार खुलते ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 265.21 अंक (0.31%) की गिरावट के साथ 83,968.43 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 47.15 अंक (0.18%) फिसलकर 25,906.70 के लेवल पर खुला। यह शुरुआती गिरावट आने वाले भूचाल का संकेत थी।
दिन के कारोबार में बढ़ती गई गिरावट
सुबह के पहले घंटे में ही बाजार पर बिकवाली का दबाव साफ दिखने लगा। सुबह करीब 9:23 बजे तक, सेंसेक्स की गिरावट बढ़कर 381 अंक हो गई और यह 83,851 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी समय, निफ्टी 50 में भी 107 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, और यह 25,846 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। दिन के अंत तक सेंसेक्स में लगभग 425 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई।
इन शेयरों ने डुबोया, कुछ ने दिया सहारा
गुरुवार के कारोबारी सत्र में आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जो बाजार को नीचे खींचने का मुख्य कारण बने। टॉप लूजर्स की सूची में टेक महिंद्रा, एचसीएलटेक, और टीसीएस जैसे बड़े नाम शामिल थे। इनके अलावा एटरनल और इंडिगो के शेयरों में भी गिरावट रही।
हालांकि, इस गिरावट के दौर में भी कुछ शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। टॉप गेनर्स में एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईटीसी और पावरग्रिड जैसे दिग्गज शेयर शामिल रहे, जिन्होंने बाजार को और ज्यादा गिरने से रोकने में मदद की।
बुधवार को मिला-जुला था कारोबार
इससे एक दिन पहले, बुधवार, 11 फरवरी को बाजार का रुख मिला-जुला रहा था। सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था, जबकि निफ्टी हरे निशान पर बंद होने में कामयाब रहा था। बुधवार को सेंसेक्स 40.28 अंक गिरकर 84,233.64 पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 18.70 अंक की बढ़त के साथ 25,953.85 के स्तर पर बंद हुआ था। उस दिन एसबीआई, मारुति और रिलायंस जैसे शेयरों में तेजी थी, जबकि टीसीएस और एचसीएल टेक में गिरावट थी।





