संसद में बजट 2026-27 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के ‘जन्म से लेकर मृत्यु तक टैक्स’ के आरोपों पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने आंकड़ों के साथ दावा किया कि सरकार ने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर अंतिम संस्कार तक की सेवाओं को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है। वित्त मंत्री ने इस बजट को 2050 तक के भारत की नींव रखने वाला बताया।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि पेंसिल, शार्पनर, इरेजर और नोटबुक जैसी वस्तुओं पर 2017 से ही ‘जीरो GST’ लागू है।
अंतिम संस्कार पर टैक्स का सच और राज्यों को बड़ी मदद
सीतारमण ने अंतिम संस्कार सेवाओं पर टैक्स लगने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे पूरी तरह से झूठ करार देते हुए तंज कसा कि विपक्ष शायद राज्यों में चल रहे ‘कट मनी’ सिंडिकेट को GST समझ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पतालों में इलाज और डायग्नोस्टिक सेवाओं पर भी कोई जीएसटी नहीं है।
इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए अपना खजाना खोल दिया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कुल 25.44 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे, जो पिछले साल की तुलना में 3.78 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘SASCI’ स्कीम के तहत राज्यों को दिए जाने वाले 50 साल के ब्याज मुक्त लोन की राशि को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री के अनुसार, यदि राज्यों को मिलने वाली ग्रांट को इसमें जोड़ दिया जाए, तो प्रभावी पूंजीगत व्यय 17.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, जो देश की जीडीपी का 4.4% है।
किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसले: चंदन की खेती अब अपराध नहीं
सरकार ने कृषि क्षेत्र में कई बड़े सुधारों का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर चंदन (Sandalwood) की खेती से जुड़े पुराने और सख्त कानूनों को बदला जाएगा। अब किसान इसे भारत की संपत्ति समझकर आसानी से उगा और बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में भारी वृद्धि होगी।
इसके अलावा, नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘कोकोनट प्रमोशन स्कीम’ शुरू की गई है, जिससे लगभग 1 करोड़ किसानों को सीधा फायदा मिलने का अनुमान है। केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के लिए काजू उत्पादन को लेकर भी एक बड़े पैकेज की घोषणा की गई है।
रोजगार, टेक्नोलॉजी और महिला सशक्तिकरण
बजट में युवाओं और महिलाओं के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। कृषि में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए AI आधारित ‘एग्री स्टैक’ पोर्टल बनाया गया है, जहाँ किसान अपनी जमीन और मिट्टी के स्वास्थ्य का डिजिटल रिकॉर्ड रख सकेंगे।
पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इस साल 20,000 वेटनरी प्रोफेशनल्स को नौकरी दी जाएगी। वहीं, पर्यटन क्षेत्र में 10,000 युवाओं को सर्टिफाइड टूरिस्ट गाइड बनाने के लिए 12 हफ्ते की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए ‘श्री मार्ट’ का ऐलान किया गया है। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत महिलाओं को ट्रेनिंग और रियायती बैंक लोन देकर ‘सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर’ बनाया जा रहा है, जिससे वे कपड़े, अचार और हैंडीक्राफ्ट जैसे अपने बिजनेस शुरू कर रही हैं।
कांग्रेस पर हमला: ‘UPA के सौदे से बंद हो सकता था मुफ्त राशन’
अपने जवाब के अंत में वित्त मंत्री ने कांग्रेस की यूपीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2013 में WTO की बाली बैठक में हुए एक समझौते के कारण 2017 के बाद देश में सरकारी राशन की दुकानें बंद हो सकती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के हितों का सौदा किया था।
सीतारमण ने कहा, ‘मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद दुनिया से लड़कर ‘पीस क्लॉज’ हासिल किया, जिसकी वजह से आज 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल पा रहा है।’ उन्होंने दावा किया कि यूपीए के समय खाद्य महंगाई दर 11% थी, जो अब 2% से भी कम है।





