आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में बदलाव न करने का ऐलान किया है। इसके बाद भी लोन के ब्याज दरों (Loan Rates) में बदलाव का सिलसिला जारी है। इस सूची में बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक शामिल हो चुका है। इससे पहले प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक ने भी कुछ टेन्योर के लिए एमसीएलआर में इजाफा किया था।
केनरा बैंक ने कुछ टेन्योर के लिए MCLR में 5 बीपीएस का इजाफा किया है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने सभी टेन्योर के लिए 50 आधार अंकों की वृद्धि की घोषणा की है । मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लर्निंग रेट्स 12 जून 2026 से लागू होने वाले हैं।
एमसीएलआर न्यूनतम दरें होती हैं, जिसके आधार पर बैंक और वित्तीय संस्थान लोन के लिए ब्याज दरों को निर्धारित करते हैं। इसकी शुरुआत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2016 में की थी। एमसीएलआर में उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोन के ब्याज दर और ईएमआई पर पड़ता है। यह कदम दोनों बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव न होने के बाद भी उठाया है, दरें 5.25% पर बरकरार है।
बैंक ऑफ बड़ौदा एमसीएलआर
बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने ओवरनाइट एमसीएलआर को बढ़ाकर 7.85% कर दिया है, पहले दरें 7.80% थी। 1 महीने के लिए एमसीएलआर 7.90% से बढ़कर 7.95% हो चुकी हैं। 3 महीने के लिए एमसीएलआर 8.15% से बढ़कर 8.20% कर दिया गया है। 6 महीने के लिए दरें 8.45% से बढ़कर 8.50% हो चुकी हैं। वहीं 1 साल के लिए दरें 8.70% से बढ़कर 8.75% हो चुकी हैं।
केनरा बैंक संशोधित एमसीएलआर जानें
पब्लिक सेक्टर के केनरा बैंक ने शॉर्ट टर्म टेन्योर के लिए एमसीएलआर में इजाफा किया है। ओवरनाइट एमसीएलआर 7.90% से बढ़कर 7.95% हो चुका है। 1 महीने के लिए दरें 7.95% से बढ़कर 8% हो चुकी हैं। 3 महीने के लिए एमसीएलआर 8.209% से बढ़कर 8.25% हो चुका है। 6 महीने के लिए दरें 8.55% से बढ़कर 8.60% हो चुकी हैं। 1 साल, 2 साल और 3 साल के टेन्योर के लिए कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। 1 साल के लिए MCLR 8.75%, 2 साल के टेन्योर पर 9% और 3 साल के टेन्योर पर 9.05% रहेगा।






