रेपो रेट में वृद्धि के बाद लोन के ब्याज दरों (Loan Rates) में बदलाव का सिलसिला भी जारी है। पब्लिक सेक्टर के इंडियन ओवरसीज बैंक ने अब मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बदलाव किया है। नई दरें 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली हैं। जिसे ग्राहक बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

बैंक ने एक महीने को छोड़कर सभी टेन्योर पर एमसीएलआर में 5 आधार अंकों की वृद्धि की है। जिसका सीधा असर लोन लेने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा। पर्सनल लोन, व्हीकल लोन, होम लोन समेत अलग-अलग ऋणों के ब्याज दरों में संशोधन हो सकता है। इसके अलावा ईएमआई पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। बता दें कि एमसीएलआर वे न्यूनतम दरें हैं, जिसके आधार पर बैंक लोन ऑफर कर सकते हैं। बदलाव के बाद दरें 7.95% से लेकर 8.95% हो चुकी हैं, जो वर्तमान में 7.90% से लेकर 8. 90% है।

टेन्योर वाइज MCLR दरें जानें 

ओवर नाइट एमसीएलआर 7.90% से बढ़कर 7.95% हो चुका है। एक महीने के लिए एक एमसीएलआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, दरें 8.25% पर बरकरार रहेंगी। 3 महीने के लिए रेट्स 8.45% से बढ़कर 8.50% तक पहुँच चुके हैं।  6 महीने के लिए दरें 8.70% से बढ़कर 8.75% तक पहुंच चुकी हैं।

1 साल के लिए एमसीएलआर 8.85% से बढ़कर 8. 90% तक पहुंच चुका है। 2 साल के लिए एमसीएलआर 8.85% से बढ़कर 8. 90% हो चुका है। 3 साल के लिए एमसीएलआर 8.95% होगा, जो फिलहाल 8.90% है।

RBLR में भी बदलाव 

आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बीपीएस की वृद्धि की है, दरें अब 5.50% है। जिसके बाद कई बैंकों ने लोन के ब्याज दरों में बदलाव किया है। इंडियन ओवरसीज बैंक ने 8 अक्टूबर को रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट्स में 25 बीपीएस तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया। वर्तमान में RBLR 8.35 प्रतिशत है।

एफडी के ब्याज दरों में बदलाव नहीं 

बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया है। 7 दिन से लेकर 10 साल तक के टेन्योर पर 3 करोड़ रुपये से कम का निवेश करने पर 3. 50% से लेकर 6.60% तक ब्याज सामान्य नागरिकों को ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी मिल रही है।