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RBI का बड़ा फैसला, 16 अक्टूबर से लागू होंगे नकदी के नए नियम, बैंकों को निर्देश जारी, जानें डिटेल 

आरबीआई ने नए CRR नियमों की घोषणा की है, जो 16 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले हैं। न्यूनतम दैनिक रखरखाव को बढ़ाया गया है। इसका असर बैंकों की तरलता पर पड़ेगा। 
RBI new rules

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कैश रिजर्व रेशों रेशियो (CRR) जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दैनिक न्यूनतम नगद आरक्षित रखरखाव की जरूरत में वृद्धि की गई है। इससे संबंधित नोटिफिकेशन आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://rbi.org.in पर जारी किया है। यह कदम आरबीआई एक्ट 1934 की धारा 42 (1) के तहत उठाया गया है।

वर्तमान में बैंकों को पखवाड़े के दौरान के दौरान सभी दिनों में कम से कम 90% का मिनिमम कैश रेशियों बनाएं रखने की इजाजत है। यह रोजाना बैंक द्वारा तय किए गए एवरेज सीआरआर आरबीआई द्वारा तय सीमा से कम नहीं होना चाहिए। लेकिन अब आरबीआई ने इसे 90% से बढ़ाकर 99% करने का फैसला किया है।

बैंकों को दिए निर्देश 

सीआरआर संबंधित नए नियम 16 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। देश के सभी शेड्यूल बैंकों को नए निर्देशों का सख्त पालन करना होगा।। इसमें एसबीआई समेत सभी प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक शामिल हैं। आरबीआई ने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि लिक्विडिटी की स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही सीआरआर के मिनिमम मेंटेनेंस की जरूरत को बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

क्या है CRR?

सीआरआर वह राशि होती है, जिसे बैंकों को अपनी  कुल जमा देनदारी के निर्धारित हिस्से के रूप में आरबीआई के पास नगद आरक्षित रखना होता है। मतलब बैंक जो भी राशि ग्राहकों से जमा लेते हैं, इसका एक हिसा आरबीआई के पास सुरक्षित रखना पड़ता है। इस अनुपात को ही सीआरआर कहा जाता है। इसका इस्तेमाल बैंकिंग सिस्टम में नगदी की उपलब्धता को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। सीआरआर के दैनिक रखरखाव की जरूरत बढ़ने से बैंकों के पास उपलब्ध अतिरिक्त नगद में कमी आ सकती है। बैंकों की तरलता पर भी पड़ सकता ह।  हालांकि ग्राहकों पर सीधे तौर पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। वे सभी ट्रांजैक्शन पहले की तरह ही जारी रख पाएंगे। फिक्स डिपॉजिट या सेविंग डिपॉजिट की ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं होगा। यूपीआई और एटीएम समेत सभी सेवाओं का लाभ मिलता रहेगा।

Manisha Kumari Pandey
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