हर आम परिवार का सपना होता है कि उसकी अपनी एक कार हो, जिसके लिए लोग अपनी मेहनत की कमाई जोड़कर बड़ी उम्मीदों के साथ गाड़ी खरीदते हैं। लेकिन जब उसी कार में परेशानी आने पर शोरूम प्रबंधन ही शिकायत सुनने को तैयार न हो, तो ग्राहक आखिर अपनी फरियाद लेकर कहां जाए? ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से सामने आया है जहां एक ग्राहक की नई कार में लीकेज की समस्या आ गई और शोरूम प्रबंधन ने इसे सामान्य बताकर टाल दिया।
जानकारी अनुसार, जिले के NH-39 सतना बेरियर स्थित मारुति सुजुकी के सिटी कार्स शोरूम के बाहर रविवार, 11 अक्टूबर को एक असंतुष्ट ग्राहक ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। ग्राहक ने नई कार पर विरोध प्रदर्शन के बैनर-पोस्टर चिपकाकर शोरूम के मुख्य द्वार पर अनशन शुरू कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
मामले में ग्राहक प्रिंस त्रिपाठी का आरोप है कि उन्होंने 12 अगस्त 2026 को नई कार खरीदी थी। उसी समय उन्होंंने कार में खराबी की शिकायत दी थी लेकिन शोरूम प्रबंधन ने इसे सामान्य समस्या बताकर टाल दिया था। ग्राहक का आरोप है कि शुरुआत से ही कार में गंभीर तकनीकी खामियां आ रही हैं और अब उसमें सीएनजी लीकेज जैसी खतरनाक समस्या भी उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि बार बार समस्याओं को बताने के बावजूद किसी भी प्रकार का निराकरण नहीं किया गया है।
बार-बार वर्कशॉप के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं मिला स्थायी समाधान
ग्राहक का कहना है कि बार-बार वर्कशॉप के चक्कर लगाने, शिकायतों के बावजूद जब कोई स्थायी समाधान नहीं निकला और कंपनी की ओर से किसी भी प्रकार की लिखित गारंटी देने से इंकार कर दिया गया, तब मजबूरन उन्हें यह प्रदर्शन का कदम उठाना पड़ा। ग्राहक का आरोप है कि कंपनी खराबी को पूरी तरह स्वीकार करने के बजाय केवल बार-बार सुधार कराने का आश्वासन दे रही है जिससे ग्राहक की सुरक्षा और जान-माल के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
मामले में कंपनी ने रखा अपना पक्ष
वहीं दूसरी ओर मामले में मारुति सुजुकी शाखा के प्रतिनिधि सुनील श्रीवास्तव ने कंपनी का पक्ष रखते हुये बताया कि वाहन अगस्त 2026 की मैन्युफैक्चरिंग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाड़ी में आ रही आवाज या तकनीकी समस्या को ठीक करने और संबंधित पार्ट्स को बदलने के लिए कंपनी पूरी तरह तैयार है। प्रतिनिधि के अनुसार, हर प्रकार के पार्ट डिफेक्ट पर पूरी गाड़ी बदलना संभव नहीं होता। यदि बड़ा मैन्युफैक्चरिंग फॉल्ट होता तो गाड़ी बदली जाती, जैसा कि पूर्व के कुछ मामलों में किया भी गया है। वहीं, कंपनी ने ग्राहक से थोड़ा समय देकर गाड़ी की मरम्मत कराने का अनुरोध किया है।





