अक्टूबर में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की कार्रवाई लगातार जारी है। 13 नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन यानी लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। यह कदम आरबीआई एक्ट 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया गया है। सीओआर रद्द होने के बाद कंपनियों को नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के तौर पर ट्रांजेक्शन या बिजनेस करने की अनुमति अब नहीं होगी। सेंट्रल बैंक ने इस बात की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
कंपनियों का लाइसेंस रद्द करने का आदेश आरबीआई ने सितंबर 2026 में जारी किया है। सूची में पश्चिम बंगाल की 12 एनबीएफसी शामिल हैं। वहीं तमिलनाडु में के चेन्नई में स्थित नकोदर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस आरबीआई ने रद्द कर दिया है। इसके अलावा 10 ऐसी कंपनियां हैं, जिन्होंने खुद अपना सीओआर अलग-अलग कर्म से सरेंडर किया है।
पश्चिम बंगाल के इन कंपनियों का लाइसेंस रद्द
- अजीत नाथ स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड
- एस्ट्रॉल डीलकॉम प्राइवेट लिमिटेड
- भाग्यश्री ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड
- बूह फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड
- ब्रिटेक्स फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
- सजीली विनिमय प्राइवेट लिमिटेड
- भूमिका फिसकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
- ब्लू माउंट एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
- डेल्टा कैपिटल मार्केट लिमिटेड
- राजेश फिसकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
- सरला फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड
- श्रेयांश व्यापार प्राइवेट लिमिटेड
इन कंपनियों ने किया सरेंडर
नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बिजनेस से बाहर होने पर 6 कंपनियों ने अपना सीओआर सरेंडर कर दिया है। इस लिस्ट में मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित एमएसजी कोलोनाइजिंग एंड लीजिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। इसके अलावा नई दिल्ली में स्थित प्रगति फिनकैप लिमिटेड, PKSL इन्वेस्टमेंट लिमिटेड और HCL कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (साउथ दिल्ली) शामिल हैं। इसके अलावा विवृत्ति कैपिटल लिमिटेड चेन्नई ने भी सीओआर सरेंडर कर दिया है। पीसीआर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने अनरजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के मानदंडों को पूरा करने के बाद सरेंडर किया है। महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित अपर्णा इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, वंदना गृह निर्माण लिमिटेड (पश्चिम बंगाल) और रामसीसरिया बिल्डर्स लिमिटेड (पश्चिम बंगाल) भी इस लिस्ट में शामिल हैं।






