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एक्शन मोड में RBI, इन 2 बैंकों पर लगाया प्रतिबंध, खाताधारक नहीं निकाल पाएंगे पैसे, जानें डिटेल

आरबीआई ने दो बैंकों पर प्रतिबंध लगाया है। 8 अक्टूबर से बिजनेस बंद करने का आदेश दिया गया है। जिसका असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा। बिहार में स्थित एक बैंक पर जुर्माना भी लगा है।  
rbi action

अक्टूबर में भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कार्रवाई का सिलसिला जारी है। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न के प्रावधानों के तहत दो  बैंकों पर प्रतिबंध लगाया गया है। बिहार में स्थित द मुंगेर जमुई सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 5 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। तीनों बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने गुरुवार को ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

श्री महात्मा भावेश्वर को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड अफजलपुर और द तिरुवल्ला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पथानाममिट्टा पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया है। आरबीआई इस दौरान बैंकों के वित्तीय पर निगरानी भी रखेगा। 8 अक्टूबर से बैंकिंग व्यवसाय बंद करने का निर्देश दिया गया है। यदि बैंकों के स्थिति में कोई सुधार होता है तो निर्देशों में बदलाव किया जाएगा।

कार्रवाई के बाद बैंकों को आरबीआई की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी लोन या एडवांस स्वीकृत या रिन्यू करने की अनुमति नहीं होगी। न ही बैंक फ्रेश डिपॉजिट स्वीकार और कोई भी इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। संपत्ति कॉ बेचने या ट्रांसफर करने की अनुमति भी नहीं होगी। इसके अलावा  बैंकों को आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों की एक कॉपी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या परिसर में प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

आरबीआई ने श्री महात्मा भावेश्वर को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड अफजलपुर और द तिरुवल्ला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पथानाममिट्टा की तरलता स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है। सेंट्रल बैंक ने कुछ वर्षों में बैंकों के कामकाज में सुधार के लिए बैंक के बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट से साथ बातचीत की। सुपरवाइजर चिताओं को दूर करने और बैंक की जमा कर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाना जरूरी समझा गया।

प्रतिबंध के दौरान खाताधारकों कॉ पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि ग्राहकों के लिए सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक ग्राहक DICGC एक्ट 1961 के प्रावधानों के तहत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से  अपनी जमा राशि के लिए 5 लाख रुपये तक की जमा बीमा क्लेम राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। हालांकि यह राशि ग्राहकों की सहमति और वेरिफिकेशन के बाद ही दी जाएगी।

बिहार के बैंक पर क्यों लगा जुर्माना?

आरबीआई ने बिहार के द मुंगेर जमुई सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों को देखते हुए पेनल्टी लगाने का फैसला लिया है। 31 मार्च 2026 तक बैंक के वित्त स्थिति को चेक करने के लिए नाबार्ड द्वारा एक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान नियमों  के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ, जिसके बाद नोटिस जारी करते हुए बैंक से स्पष्टीकरण मांगा गया।  इस पर मिली प्रतिक्रिया और सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर जब आरोप सही साबित हुए, तो पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

इस बैंक ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को अपलोड करने में विफल रहा। इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। सभी प्रकार के लेनदेन और एग्रीमेंट जारी रहेंगे।

Manisha Kumari Pandey
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