अक्टूबर का महीना बेहद ही महत्वपूर्ण होने वाला है। पहली तारीख से ही देशभर में कई बड़े बदलाव (New Rules) देखने वाले हैं। सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने डेबिट-क्रेडिट कार्ड और सेविंग्स अकाउंट के लिए नए नियमों की घोषणा की है। केंद्र सरकार ने भी एलपीजी बुकिंग सब्सिडी से जुड़े नियम बदले हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं। यूपीआई, बर्थ सर्टिफिकेट, डेथ सर्टिफिकेट और एफडी संबंधित बदलाव होंगे।
केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। 1 अक्टूबर से नए नियम लागू होंगे। जो ग्राहक बीएए पूरा नहीं करना चाहते, वे भी एलपीजी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें OMC डिजिटल चैनल पर अपनी चॉइस को रजिस्टर करना होगा। उन्हें मौजूदा मार्केट प्राइस के आधार पर एलपीजी सप्लाई किया जाएगा, कोई भी सब्सिडी नहीं मिलेगी।
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बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट
1 अक्टूबर से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में भी सरकार ने बदलाव किया है। पंजीकरण में देरी को लेकर नियम सख्त और पारदर्शी किए गए हैं। यदि डेथ और बर्थ सर्टिफिकेट को एक साल के बाद और 2 साल के भीतर पंजीकृत किया जाता है, तो पहले पूरी जानकारी का भौतिक सत्यापन होगा। 2 साल से ज्यादा की देरी होने पर रजिस्ट्रेशन के लिए फर्स्ट ज़्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य होगा।
फेस्टिव सीजन में महंगे होंगे इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंस
त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। कई इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां AC, एलईडी टीवी , वॉशिंग मशीन और अन्य प्रॉडक्ट्स की कीमतों में 5% से लेकर 8% तक की वृद्धि कर सकते हैं। ब्लू स्टार, Godrej, Haier, Daikin और सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स ने पहले ही 1 अक्टूबर से कई प्रॉडक्ट्स के लिए 4-10% तक इजाफे की घोषणा कर दी है।
प्रॉपर्टी खरीदारी से जुड़े बदलाव
इनकम टैक्स के नए नियमों के तहत 1 अक्टूबर 2026 से NRI सेलर्स से प्रॉपर्टी खरीदने के लिए रेजिडेंट इंडिविजिउल खरीदारों और एचयूएफ को अब TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। टीडीएस कटौती और रिपोर्ट के लिए पैन कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट संबंधित बदलाव
80 साल से अधिक आयुवर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार ने सलाना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अवधि को सामान्य नागरिकों से पहले शुरू करने की घोषणा की है। 1 अक्टूबर से बुजुर्ग पेंशनर्स अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर पाएंगे। आम पेंशनर्स के लिए यह विंडो नवंबर को एक्टिव होगा। यह काम फेस आरडी ऐप, कोमन सर्विस सेंटर और बैंक के जरिए करवाया जा सकता है।
भारतीय निर्यातकों के लिए नए नियम
1 अक्टूबर से पूरा एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फ्रेमवर्क बदले वाला है। पुराने SOFTEX फॉर्म को खत्म करके उसे एक सिंगल एक्सपर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म में बदलाव हुआ है। निर्यात उत्पादों पर शुल्क और टैक्स छूट देने वाली RoDTEP योजना की पुरानी अधिसूचित दरों की मियाद समाप्त हो जीएगी। चीनी निररीयत पर लगे प्रतिबंध की तय समय सीमा की पूरी होने वाली है।
बैंकिंग सेक्टर में होने कई बड़े बदलाव
- 1 अक्टूबर से बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट 2026 लागू होने वाला है। यह कानून 135 साल पुराने कानून की जगह लेगा। इसे राष्ट्रपति से मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत अब बैंकों को फिजिकल रजिस्टरों के साथ इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल रिकॉर्ड्स और क्लाउड बेस्ड को भी कोर्ट में कानूनी सबूत के तौर पर पूरी मान्यता मिलेगी।
- अक्टूबर से आरबीआई (डिपॉजिट पर ब्याज दरें) संशोधित दिशानिर्देश 2026 लागू होंगे। नए नियमों के तहत बल्क डिपॉजिट के लिए दी जाने वाली ब्याज दरें बैंक की वेबसाइट पर पहले से बताई गई ब्याज दरों की सूची के अनुसार ही होनी चाहिए। ब्याज दरों को हर कामकाजी दिन सुबह 10:00 बजे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर बताना होगा। जिसमें 10 मिनट की छूट भी होगी। मतलब बैंकों के लिए सुबह 10:10 बजे तक ब्याज दरों का खुलासा करना होगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के दिए हैं कि सभी शाखों और सभी ग्राहकों के लिए बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरें समान हो।
- एसबीआई सैलरी पैकेज खाताधारकों को अन्य बैंकों के एटीएम से महीने में अब 10 नहीं बल्कि 5 बार फ्री में कैश निकालने की अनुमति होगी। लिमिट से अधिक ट्रांजैक्शन करने पर 23 रुपये प्लस जीएसटी शुक्ल लगेगा।
- 1 अक्टूबर से एसबीआई बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट से जुड़े नए नियम भी लागू होंगे। ग्राहकों को हर महीने चार कैश विड्रोल की सुविधा फ्री में दी जाएगी।