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पोस्ट ऑफिस की FD पर तगड़ा रिटर्न, 1 साल के टेन्योर पर मिलेगा 6.9% ब्याज, 1000 रुपये से निवेश शुरू, जानें डिटेल 

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पोस्ट ऑफिस की टर्म डिपॉजिट स्कीम पर अधिकतम 7.5% ब्याज मिलता है। टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।
पोस्ट ऑफिस की FD पर तगड़ा रिटर्न, 1 साल के टेन्योर पर मिलेगा 6.9% ब्याज, 1000 रुपये से निवेश शुरू, जानें डिटेल 

Post Office FD: केवल बैंक ही नहीं बल्कि डाकघर भी फिक्स्ड डिपॉजिट ऑफर करता है। एफडी को कई लोग बचत के अच्छा तरीका मानते हैं। एक निर्धारित समय के लिए निवेश करने पर ब्याज मिलता रहता है। पोस्ट ऑफिस फिलहाल अपने टर्म डिपॉजिट पर कई बैंकों से अधिक ब्याज ऑफर कर रहा है। सरकार द्वारा समर्थित यह स्कीम सुरक्षा का दावा भी करती है।

टर्म डिपॉजिट पर पोस्ट ऑफिस न्यूनतम 6.9% और अधिकतम 7.5% ब्याज दे रहा है। 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल के टेन्योर का ऑप्शन मिलता है। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी एक अवधि का चयन कर सकते हैं।

मिल रहा कितना ब्याज? (Term Deposit Interest Rates) 

  • 1 साल- 6.9%
  • 2 साल- 7%
  • 3 साल- 7.1%
  • 5 साल- 7.5%

कौन कर सकता है निवेश? (Post Office TD Scheme)

पोस्ट ऑफिस के टर्म डिपॉजिट तहत सिंगल और ज्वाइंट दोनों तरह के अकाउंट खुलवा सकते हैं। तीन लोग एक साथ खाता खुलवा सकते हैं। 10 वर्ष से अधिक आयु का नाबालिग खुद के नाम पर अकाउंट खुलवा सकता है। इससे कम आयु वर्ग के बच्चों के नाम अभिभावक अकाउंट खुलवा सकते हैं। बता दें कि जमा की तारीख से 6 महीने से पहले जमा राशि वापस नहीं लें सकते। यदि टीडी अकाउंट 6 महीने के बाद और एक साल से पहले बंद होता है तो पीओ बचत खाता ब्याज दरें प्रभावी होती हैं।

कितना लगा सकते हैं पैसा? (Fixed Deposit) 

डाकघर के एफडी में कम से कम 1000 रुपये और 100 रुपये के मल्टीपल में निवेश शुरू कर सकते हैं। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं होती है। 5 वर्ष के टीडी पर टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी स्कीम, शेयर मार्केट, फंड इत्यादि में निवेश की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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