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नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इन 4 बैंकों पर RBI ने ठोका लाखों का जुर्माना, लिस्ट में MP का यह बैंक शामिल, पढ़ें खबर 

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आरबीआई ने देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित 4 बैंकों पर पेनल्टी लगाई है। जुर्माने की राशि 52 लाख रुपये से भी अधिक है। आइए जानें केन्द्रीय बैंक ने यह कदम क्यों उठाया और क्या ग्राहकों पर भी इसका असर पड़ेगा?
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इन 4 बैंकों पर RBI ने ठोका लाखों का जुर्माना, लिस्ट में MP का यह बैंक शामिल, पढ़ें खबर 

RBI Action: भारतीय रिजर्व बैंक ने चार बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने 2 जनवरी गुरुवार को दी है। इन सभी बैंकों नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। किसी ने एसएमएस अलर्ट शुल्क तो किसी ने लोन से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।

स्मृति नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित मंदसौर मध्य प्रदेश पर आरबीआई ने 4.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पुणे पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अकोला जनता कमर्शियल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 15.40 रुपये और कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 8.30 लाख रुपये की मॉनिटेरी  पेनल्टी आरबीआई ने लगाया है।

बैंकों पर क्यों लगा जुर्माना? (RBI Monetary Penalty) 

  • स्मृति नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित में अपने ग्राहकों से एसएमएस अलर्ट शुल्क वसूला, जो वास्तविक प्रयोग के आधार पर नहीं था। बैंक ने अपने निदेशक के रिश्तेदार को लोन स्वीकृत किया।
  • पुणे पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निर्धारित समय के भीतर वित्तवर्ष 2022-23 के लिए पीएसएल लक्ष्य की प्राप्ति में कमी के खिलाफ सिडबी के पास रखे गए एमएससी पुनर्वित्त कोष में निर्दिष्ट राशि जमा नहीं कर पाया।
  • अकोला जनता कमर्शियल बैंक लिमिटेड महाराष्ट्र ने निर्धारित समय के भीतर पात्र दावा ना की गई राशि को जमाकर्ता और जागरूकता कोष में स्थानांतरित करने में विफल रहा।  कुछ मृतक जमाकर्ताओं के दावों का निपटान करने और उत्तरजीवी/नामांकित व्यक्ति को निर्धारित समय के भीतर भुगतान भी जारी नहीं कर पाया।
  • कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने कुछ व्यक्तिगत उधरकर्ताओं को स्वीकृत फ्लोटिंग रेट टर्म लोन पर फॉरक्लोजर शुल्क लगाया।

ग्राहक न लें टेंशन (Bank News)

सभी बैंकों के खिलाफ आरबीआई की कार्रवाई नियमों के पालन में खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे समझौते या लेनदेन को प्रभावित करना नहीं है। इस संबंध में केन्द्रीय बैंक ने बयान भी जारी किया है।

 

Manisha Kumari Pandey
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