रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने कैशफ्री पेमेंट्स इंडिया लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कदम दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न होने पर उठाया गया है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 16 मार्च को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। बता दें कि पिछले सप्ताह ही आरबीआई ने दो बैंकों और एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी पर जुर्माना लगाया था।

आरबीआई को नियमों के उल्लंघन का पता अप्रैल 2024 से जून 2025 के दौरान किए गए वैधानिक निरीक्षण के दौरान पता चला था। यह इंस्पेक्शन बैंक के परिचालन को चेक करने के लिए किया गया था। इसके बाद सेंट्रल बैंक ने कंपनी को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस पर प्राप्त जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। जिसके बाद आरबीआई ने पेनल्टी लगाना जरूरी समझा।

क्या है वजह?

इस कंपनी ने एस्क्रो खाते से कुछ अस्वीकार्य डेबिट किया था। ऐसे में आरबीआई द्वारा “पेमेंट्स एग्रीगेटर और पेमेंट गेटवे रेगुलेशन” पर जारी गाइडलाइंस का उल्लंघन हुआ। आरोप सही साबित होने पर भारतीय रिजर्व बैंक ने पेमेंट एंड सेटेलमेंट सिस्टम एक्ट 2007 की धारा 26(6) और 30(1) के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की, पेनल्टी का आदेश जारी किया।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा प्रभाव 

आरबीआई के इस एक्शन का असर  ग्राहकों और कंपनी के बीच हो रहे लेनदेन या एग्रीमेंट नहीं पड़ेगा। केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में कहा कि, “यह कार्रवाई वैधानिक और विनियामक अनुपालन में पाई गई कमियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन/एग्रीमेंट की वैधता पर कोई फैसला देना नहीं है। न ही भविष्य में होने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।”

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