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इन 3 बैंकों ने तोड़े नियम, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया भारी जुर्माना

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आरबीआई ने 3 बैंकों पर जुर्माना लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। इस सूची में मध्यप्रदेश का भी एक बैंक शामिल है। आइए जानें क्या ग्राहकों पर भी इस कार्रवाई का असर पड़ेगा?
इन 3 बैंकों ने तोड़े नियम, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया भारी जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चार सरकारी बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। जिसमें से 2 बैंक महाराष्ट्र और एक मध्य प्रदेश में स्थित है। महाराष्ट्र  में स्थित एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी पर भी पेनल्टी लगाई गई है। सभी पर दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने का आरोप है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने 22 जनवरी 2026 को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

बैंकों की वित्त स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान नियमों के अनुपालन में कमियों का खुलासा हुआ। जिसके बाद बैंकों को आरबीआई ने कारण बताओं नोटिस जारी किया। नोटिस पर प्राप्त जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला केंद्रीय बैंक ने लिया।

महाराष्ट्र के इन बैंकों पर लगा जुर्माना 

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में स्थित कान्यका नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड पर 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने बिल्डरों और ठेकेदारों को लोन मंजूर किए, जिसका कुछ हिस्सा जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया था। पिंपरी में स्थित चिंदवाड़ा सहकारी बैंक मर्यादित पर 2.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने अनसिक्योर्ड एडवांस के लिए निर्धारित सीमा का उल्लंघन किया।

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एमपी के इस बैंक पर गिरी गाज 

मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित श्री सत्य साईं नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने प्रूडेंशियल इंटर बैंक ग्रॉस एक्स्पोज़र लिमिट और काउंटर पार्टी एक्स्पोज़र लिमिट का उल्लंघन किया। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंकों और कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई नियामक अनुपालन में खामियों पर आधारित है। बैंक/ कंपनी और ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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इस NBFC पर भी लगा जुर्माना 

महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित वीएसजे इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कंपनी ने एक अयोग्य संस्थान को लोन दिया। आरबीआई द्वारा कंपनी नियंत्रण एंटीटी के बीच किए गए दस्तावेजों और असाइनमेंट एग्रीमेंट की विशेषता से पता चला कि कंपनी आरबीआई के निर्देशों का पालन नहीं कर रही थी। इसके बाद कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया। आरोपों की पुष्टि होंने पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

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