एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महाराष्ट्र के नंदुरा में स्थित द नंदुरा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पेनल्टी से संबंधित आदेश बैंक को 13 जनवरी को जारी कर दिया था। वहीं इस एक्शन की जानकारी केंद्रीय बैंक ने 19 जनवरी 2026 को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
आरबीआई ने यह बैंकिंग अधिनियम 1949 के अलग-अलग प्रावधानों के तहत उठाया है। 31 मार्च 2025 को बैंक के वित्त स्थिति के संदर्भ में एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान पता चला कि बैंक कुछ दिशा निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। इसके बाद बैंक को नोटिस जारी किया गया और कारण पूछा गया। नोटिस पर प्राप्त जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला केंद्रीय बैंक ने लिया।
बैंक ने तोड़े ये नियम
इस बैंक ने कुछ नाम मात्र सदस्यों को निर्धारित नियामक सीमा से अधिक लोन स्वीकृत किए थे। ऐसे में आरबीआई द्वारा जारी “एक्स्पोज़र नॉर्म्स और वैधानिक/ अन्य प्रतिबंध- यूसीबी पर जारी गाइडलाइंस का उल्लंघन हुआ। इसलिए ग्राहकों के हितों की रक्षा और बैंकिंग सेक्टर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाना जरूरी समझा।
क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
केंद्रीय बैंक में स्पष्ट किया है कि बैंक के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों के साथ हो रहे किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर नहीं पड़ेगा। यह एक्शन विनियामक खामियों पर आधारित है। इसलिए खाताधारकों के लिए चिंता का विषय नहीं है। वे पहले की तरह ही सभी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
यहाँ देखें आरबीआई का नोटिस




