Hindi News

RBI का बड़ा कदम, कम समय में अपडेट होगा क्रेडिट स्कोर, जानें कब लागू होंगे नए नियम?

Last Updated:
क्रेडिट इंफॉर्मेशन रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो अप्रैल 2026 से लागू होंगे। आरबीआई ने ड्राफ्ट सर्कुलर जारी किया है। इससे ग्राहकों को भी फायदा होगा।  
RBI का बड़ा कदम, कम समय में अपडेट होगा क्रेडिट स्कोर, जानें कब लागू होंगे नए नियम?

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया क्रेडिट इन्फॉर्मेशन रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों में बदलाव करने (RBI New Rules) जा रहा है। ड्राफ्ट सर्कुलर सितंबर 2025 में ही जारी किया था। बैंकों और मार्केट प्रतिभागियों से 20 अक्टूबर तक फ़ीडबैक भी मांगा गया है। नए नियम लागू होने से कई ग्राहकों को फायदा होगा। क्रेडिट स्कोर पहले से भी कम समय में अपडेट होगा। जिससे लोन लेने में आसानी होगी।

सितंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के मुताबिक क्रेडिट इंस्टिट्यूशन (CI) के क्रेडिट इनफॉरमेशन कंपनियों के लिए हर दो हफ्ते या उससे कम समय में क्रेडिट इनफॉरमेशन रिपोर्ट जमा करना जरूरी होगा। यह प्रस्ताव आरबीआई द्वारा रखा गया है। 1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू हो सकते हैं। सर्कुलर में तेजी से डेटा जमा करने और गलतियों को ठीक करने की उपायों को भी जरूरी बनाया जाएगा। इससे क्रेडिट इनफॉरमेशन जानकारी करने में आसानी होगी। इसके अलावा कंज्यूमर सेगमेंट के रिपोर्टिंग फॉर्मेट में एक अलग फील्ड से CKYC नंबर दर्ज करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

क्या होंगे नए नियम?

वर्तमान क्रेडिट स्कोर अपडेट 15 दिन में एक बार होता है। लेकिन यदि नया नियम लागू हो जाता है, तो क्रेडिट इंफॉरमेशन कंपनियों को हर महीने 7, 14, 21,  28 तारीख और महीने के आखिरी दिन तक डेटा अपडेट करना होगा। वहीं बैंक हर महीने की 3 तारीख तक पूरा डाटा भेजेंगे। जबकि चार तारीखों पर सिर्फ नया बदलाव यानी इंक्रीमेंटल डेटा भेजना का प्रवधान होगा।

इंक्रीमेंट डेटा में पिछले रिपोर्टिंग साइकिल के बाद से खोल गए अकाउंट की जानकारी होगी। इसके अलावा पिछले साइकिल में खत्म हुए अकाउंट की जानकारी भी होगी, जिनमें उधार लेने वाले और CI के बीच रिश्ता था। इसके अलावा उधारकर्ता की गतिवविधियों और एसेट की क्लासिफिकेशन में बदलाव किए अकाउंट की जानकारी भी शामिल होगी।

ये बदलाव भी होंगे

क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को दक्ष पोर्टल पर रिपोर्ट करना होगा। ऐसे क्रेडिट इंस्टीट्यूशन की लिस्ट जमा करनी होगी, जानकारी और मॉनिटरिंग के उद्देश्य से डिपार्टमेंट ऑफ़ सुपरविजन आरबीआई सेंट्रल ऑफिस को 6 महीने के अंतराल पर डेटा जमा करने की टाइमलाइन का पालन नहीं कर पाएंगे। हर साल यह रिपोर्ट 31 मार्च और 30 सितंबर को जमा करनी होगी।

क्रेडिट इंस्टीट्यूशन अपने कर्ज लेने वालों का सेंट्रल केवाईसी नंबर सीआईसी को रिपोर्ट करेंगे। क्रेडिट इनफॉरमेशन कंपनियों को एक जैसा एक्सेप्टेंस वैलिडेशन नियम लागू करना होगा, जिसे वे उन्हें क्रेडिट इंस्टीट्यूशन के साथ शेयर करेंगी। ताकि डेटा रिजेक्शन के मामले कम हो सके। इसके अलावा रिजेक्शन के मामलों को कंपनियां एक जैसे पैरामीटर के तौर पर तय करेंगई। जिसकी जानकारी सभी क्रेडिट इंस्टीट्यूशन को सर्कुलेट भी की जाएगी।

CEDIT2909202551812AAB0DED4FD880198C3BADA46401
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews