शेयर बाजार में 4 फरवरी को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 200 अंक की गिरावट के साथ 83,500 के लेवल पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 30 अंक की गिरावट दर्ज की गई है और यह 25,700 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
बाजार में सेक्टोरल आधार पर मिली-जुली तस्वीर देखने को मिल रही है। रियल्टी, मेटल और IT शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। इसके विपरीत ऑटो शेयरों में बढ़त दर्ज की जा रही है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयरों में तेजी है। निफ्टी 50 शेयरों में से 43 शेयर चढ़कर कारोबार कर रहे हैं।
सोमवार को बाजार में जबरदस्त तेजी
3 फरवरी को सेंसेक्स में 2,073 अंक यानी 2.54% की बढ़त के साथ 83,739 पर बंद हुआ था। निफ्टी में 639 अंक की तेजी रही थी और यह 25,728 पर बंद हुआ था। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 4.79% चढ़कर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर और निफ्टी 50 में से 46 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए थे।
बाजार में तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करना था। इस घोषणा से निवेशकों में सकारात्मक भावना देखी गई।
ग्लोबल बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में मिली-जुली तस्वीर देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.60% की गिरावट के साथ 54,391 पर कारोबार कर रहा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.41% ऊपर 5,309 पर ट्रेड कर रहा है।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.68% चढ़कर 26,653 पर पहुंच गया है। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.076% की मामूली बढ़त के साथ 4,070 पर कारोबार कर रहा है।
अमेरिकी बाजारों में 3 फरवरी को गिरावट रही। डाउ जोंस 0.34% नीचे 49,407 पर बंद हुआ। नैस्डैक में 1.43% और S&P 500 में 0.84% की गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3 फरवरी को ₹5,426 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹345 करोड़ की खरीदारी की थी।
दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर बेचे थे। उस दौरान घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभालते हुए ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे। घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी से बाजार को स्थिरता मिली है।





