दिसंबर महीने की शुरुआत हो चुकी है, जो टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी होने वाला है। इनकम टैक्स (Tax Calendar) से जुड़े कई कामों को पूरा करने की चार डेडलाइन निर्धारित की गई है। इस सूची में सूची में टीडीएस सर्टिफिकेट इशू करना से लेकर बिलेटेड इनकम आईटीआर फाइल करना शामिल हैं। सही समय काम पूरा न होने पर वित्तीय समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए करदाताओं को निर्धारित समय के भीतर कार्यों को पूरा करने की सलाह दी जाती है।
10 दिसंबर असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए इनकम रिटर्न फाइल करने की ड्यू डेट है। इससे पहले 31 अक्टूबर को आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी, जिसे 29 अक्टूबर 2025 को जारी एक सर्कुलर के जरिए आगे बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दिया गया था। कॉर्पोरेट और नॉन-कॉर्पोरेट एक्सेस टैक्सपेयर्स, जिनके खाते कोर्ट ऑडिट के अधीन है। उन्हें जल्द से जल्द यह काम पूरा करने की सलाह दी जाती है। वहीं असेस के लिए असेस्मेंट साल 2025-26 के लिए बिलेटेड या रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है।
15 दिसंबर को खत्म होगी इन कामों की डेडलाइन
- नवंबर महीने में खरीदार से फॉर्म 27सी में मिले डिक्लेरेशन अपलोड करने की तारीख 15 दिसंबर है।
- सरकार के किसी ऑफिस द्वारा फॉर्म 24जी जमा करने की आखिरी तारीख भी यही है, जिसमें पेमेंट बिना चालान दिखाएं किया गया है।
- असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की तीसरी इंस्टॉलमेंट की अंतिम तिथि भी 15 दिसंबर है।
- सेक्शन 194 आईए, 194 आईबी, 194एम और 194 एस के तहत अक्टूबर 2025 में काटे गए टैक्स डीडक्शन के लिए सर्टिफिकेट जारी करने की अंतिम तारीख भी 15 दिसंबर है।
- नवंबर महीने के लिए सिस्टम में रजिस्टर करने के बाद इन ट्रांजेक्शन में क्लाइंट कोड बदले गए हैं, उनके लिए स्टॉक एक्सचेंज द्वारा फॉर्म नंबर 3बीबी में स्टेटमेंट देने की आखिरी तारीख भी यही है।
30 दिसंबर तक ये काम जरूरी
नवंबर महीने के लिए सिस्टम में रजिस्टर करने के बाद दिन ट्रांजैक्शन में क्लाइंट कोड बदले गए हैं, उनके लिए मान्यता प्राप्त संगठन द्वारा स्टेटमेंट देने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर है। सेक्शन 194आईबी, 194एम, 194आईए और 194एस के तहत नवंबर 2025 में काटे गए टैक्स के बारे में चालान सह स्टेटमेंट देने की आखिरी तारीख भी यही है। इंटरनेशनल ग्रुप की निवासी घटक संस्थाओं को फॉर्म 3CEAD दाखिल करना होगा, यदि मूल संस्थान ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बाध्य नहीं है या भारत का उसे देश से कोई विनियम समझौता नहीं है।






