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आज भारतीय शेयर बाजार में फिर गिरावट, सेंसेक्स 531 अंक टूटा, निफ्टी में भी 150 अंक से ज्यादा की गिरावट

Written by:Rishabh Namdev
Published:
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला है। दरअसल शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 531 अंक टूटकर 77,031 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 150 से ज्यादा अंक गिरकर 23,843 पर कारोबार करता दिखा। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को इस गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
आज भारतीय शेयर बाजार में फिर गिरावट, सेंसेक्स 531 अंक टूटा, निफ्टी में भी 150 अंक से ज्यादा की गिरावट

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आज सुबह भारतीय शेयर बाजार में कारोबार शुरू होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 531.59 अंक गिरकर 77,031.31 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 153.80 अंक टूटकर 23,843.55 पर आ गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव दिखा और निफ्टी 23,900 के स्तर से नीचे फिसल गया, जिसे बाजार के लिए कमजोर संकेत माना जाता है।

हालांकि बाजार में गिरावट के बीच कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मैक्स हेल्थकेयर, बजाज ऑटो और हिंडाल्को के शेयरों में शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज की गई। इन शेयरों की मजबूती ने बाजार में थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन व्यापक गिरावट को रोक नहीं सकी।

टॉप लूजर्स पर डालें नजर

दूसरी ओर कई बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में टॉप लूजर्स में शामिल रहे। इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट का असर सीधे प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा। बाजार के आंकड़ों के अनुसार लगभग 1215 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1288 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं 174 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और वे सपाट स्तर पर बने रहे। इससे साफ है कि बाजार में गिरावट का असर व्यापक रूप से दिखाई दिया।

जानिए उतार-चढ़ाव की वजह क्या है?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर चल रही अनिश्चितताओं और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेश में धैर्य रखना ही बेहतर रणनीति हो सकती है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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