मंगलवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। दरअसल बाजार खुलते ही सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा और निफ्टी लगभग 300 अंक तक टूट गया। इससे शुरुआती कारोबार के कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 2.67 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
दरअसल सोमवार को भारतीय बाजार का कुल मार्केट कैप 4,26,70,800.32 करोड़ रुपये था, जो मंगलवार सुबह घटकर 4,24,03,511.62 करोड़ रुपये रह गया। इसका मतलब है कि बाजार खुलने के साथ ही लगभग 2,67,288.7 करोड़ रुपये यानी करीब 2.67 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती गिरावट के बाद बिकवाली और तेज हो गई, जिससे निफ्टी सोमवार के क्लोजिंग लेवल से करीब 249 अंक और सेंसेक्स लगभग 824 अंक तक फिसल गया।
जानिए गिरावट का कारण
गिरावट की वजह ग्लोबल हालात और ट्रंप के बयान को माना जा रहा है। बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति की उम्मीद बढ़ती है तो बाजार सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन जैसे ही इस उम्मीद को झटका लगता है तो बाजार में गिरावट देखने को मिलती है। सोमवार को 45 दिन के सीजफायर की खबर से थोड़ी उम्मीद जगी थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए सख्त बयानों ने मंगलवार को बाजार की धारणा बदल दी।
इन बयानों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला। कच्चा तेल एशियाई बाजारों के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इसमें किसी भी तरह का उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर बाजार को प्रभावित करता है। एशियाई बाजारों में दिख रही कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ नजर आया।
मंगलवार को बाजार की शुरुआत ही गैप-डाउन के साथ हुई। निफ्टी करीब 130 अंकों की गिरावट के साथ 22,838 के स्तर पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स लगभग 370 अंक टूटकर 73,734 के आसपास कारोबार करता नजर आया। शुरुआती मिनटों में कोई खास रिकवरी नहीं दिखी, जिससे साफ पता चलता है कि बाजार में खरीदारी की कमी रही।
निफ्टी के 50 शेयरों का हाल जानें
बाजार की मार्केट ब्रेड्थ भी बेहद कमजोर रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल 2 शेयरों में तेजी थी, जबकि 47 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे। यह संकेत देता है कि बिकवाली केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में देखने को मिली। वॉल्यूम और वैल्यू के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में सक्रियता बनी हुई है, लेकिन झुकाव साफ तौर पर बिकवाली की ओर रहा।
आज की गिरावट केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ब्रॉड मार्केट में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी 100, निफ्टी 200 और निफ्टी 500 जैसे इंडेक्स करीब आधा फीसदी तक टूट गए। यह दर्शाता है कि बाजार में कमजोरी व्यापक स्तर पर रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट भी इस दबाव से अछूते नहीं रहे। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.50 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग 0.39 फीसदी की गिरावट में रहे। इससे साफ है कि रिटेल निवेशकों वाले सेगमेंट में भी मुनाफावसूली का असर देखने को मिला।
सेक्टोरल स्तर पर भी कमजोरी
सेक्टोरल स्तर पर भी बाजार में व्यापक कमजोरी रही। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में दबाव ज्यादा देखने को मिला, जहां पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स कमजोर रहे। इसके अलावा ऑटो, एफएमसीजी और आईटी जैसे सेक्टर भी गिरावट में रहे। आमतौर पर ऐसे माहौल में डिफेंसिव सेक्टर कुछ स्थिरता दिखाते हैं, लेकिन इस बार उनमें भी कमजोरी नजर आई।






