नए वित्तवर्ष की शुरुआत के साथ-साथ नया आयकर अधिनियम (ITR New Rules) भी लागू हो चुका है। जिसके तहत कई बदलाव किए गए हैं। जिसकी जानकारी करदाताओं को होनी चाहिए। नए फॉर्म कई पुराने टैक्स फॉर्म की जगह लेने वाले हैं। इसके अलावा आइटीआर और आईटीआर-यू ड्यू डेट की डेडलाइन में बदलाव किया गया है।
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वेतन भोगी, पेंशनर्स, स्टूडेंट औरऐसे करदाता जो टैक्स ऑडिट के दायरे में नहीं आते, उनके लिए आईटीआर फाइल करने की तारीख 31 जुलाई 2027 की गई है। नॉन ऑडिट बिजनेस, प्रोफेशनल टैक्सपेयर्स और फर्म के पार्टनर के लिए इनकम टैक्स फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त तक कर दी गई है, जो पहले 31 जुलाई थी।
संशोधित आईटीआर और आईटीआर-यू से जुड़े बदलाव
- रिवाइज्ड रिटर्न के लिए भी समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। टैक्स ईयर खत्म होने के बाद 9 महीने के भीतर करदाता अपने आईटीआई में संशोधन कर सकते हैं, जिसे बढ़ाकर अब 12 महीने कर दिया गया है। हालांकि 9 महीने के बाद संशोधन करने पर फीस भी लगेगी। 5 लाख रुपये तक की इनकम के लिए 1,000 रुपये और 5 लाख लाख से अधिक की इनकम के लिए 5,000 रुपये तक पेनल्टी हो सकती है।
- रिएसेसमेंट नोटिस मिलने के बाद भी करदाता अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। हालांकि नोटिस में दी गई समय सीमा के भीतर करना होगा। ऑरिजनल रिटर्न यदि लॉस रिटर्न होता है, तब भी आईटीआर-यू फ़ाइल करने की अनुमति होगी। हालांकि अपडेटेड रिटर्न के परिणाम में लॉस कम होना चाहिए।
इन नियमों को भी जानें
- इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में कई बदलाव किए गए हैं। फार्म 15 जी/एच को यूनिफाइड करके फॉर्म 121 बना दिया गया है। फार्म 16 की जगह अब फॉर्म 130 लेगा। टैक्स ऑडिट फॉर्म (3CA, 3CB और 3CD) को अब एक सिंगल फार्म 26 बना दिया गया है। फार्म 26AS की जगह अब फॉर्म 161 लेगा।
- इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत सेक्शन 262(10)(सी) में बदलाव किए गए हैं। अब सीबीडीटी को नॉन बिजनेस या नॉन प्रोफेशनल ट्रांजैक्शन के लिए की PAN अनिवार्य करने का अधिकार देता है।






